पीएम मोदी बोले, आधार कार्ड को लागू कर डेढ़ लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए

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नई दिल्‍ली।  विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आधार पर विवाद याद है न आपको? ये लोग सुप्रीम कोर्ट तक चले गए कि आधार को कानूनी मान्यता न मिल पाए। इन लोगों ने आधार को बदनाम करने के लिए सारी ताकत लगा दी। उन्‍होंने यह बात टीवी चैनल के एक कार्यक्रम में कही।

उन्‍होंने कहा कि आधार ने इनकी सच्चाई सामने लाने में बहुत मदद की।इससे करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। साल दर साल लगभग इतनी ही राशि गलत हाथों में पहुंच रही थी और कोई रोकने वाला नहीं था। सिस्टम की इस बड़ी लीकेज को रोकने का काम हमने किया, क्योंकि हमारे लिए India First है। इन लोगों की चली होती तो देश में GST भी कभी लागू नहीं हो पाता। आज सामान्य नागरिक से जुड़ी 99 प्रतिशत चीजों पर, पहले के मुकाबले औसतन आधा टैक्स लग रहा है। एक समय था जब रेफ्रिजरेटर-मिक्सर, जूसर, वैक्यूम क्लीनर, गीजर, मोबाइल फोन, वॉशिंग मशीन, घड़ियां, इन सब पर 31 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स लगा करता था। आज इन्हीं सब चीजों पर 10 से 12 परसेंट तक टैक्स कम हो गया है।

50 लाख से अधिक दिल्‍ली के लोगों को मिला तोहफा

उन्‍होंने कहा कि दशकों से दिल्ली के लाखों परिवारों के जीवन में बहुत बड़ी अनिश्चितता थी। लोग अपनी मेहनत की कमाई से, जैसे-तैसे पैसा जुटाकर, यहां घर खरीदते थे, लेकिन वो घर पूरी तरह उनका नहीं हो पाता था।ये समस्या निरंतर बनी हुई थी। हमारी सरकार ने इसे खत्म करने का फैसला लिया और अब 50 लाख से अधिक दिल्लीवालों को अपने घर और बेहतर जीवन का भरोसा मिला है। निश्चित तौर पर इसका लाभ हमारे मध्यम वर्ग को होगा और उनके सपनों का घर मिलने में मदद मिलेगी। आज भारत में जिस स्‍पीड और स्‍केल पर काम हो रहा है, वो अभूतपूर्व है।

नेशन फर्स्‍ट की भावना

उन्‍होंने आगे कहा कि 60 महीने में करीब 60 करोड़ भारतीयों तक टॉयलेट की सुविधा पहुंचाया। इस प्रकार की योजनाएं और प्रोग्राम आप तभी प्लान और एग्जीक्यूट कर सकते हैं, जब नेशन फर्स्‍ट होता है। जब आप स्वार्थों से निकलकर सबका साथ- सबका विकास और सबका विश्वास को नीति और राजनीति का आधार बनाते हैं। इसी सोच ने हमें, विकास की दौड़ में सबसे पीछे रह गए, देश के 112 Aspirational Districts पर नई अप्रोच के साथ काम करने की सीख दी। नेशन फर्स्‍ट की यही भावना थी जिसने गरीबों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए 37 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खुलवाए। नेशन फर्स्‍ट की इसी सोच की वजह से जल जीवन मिशन की शुरुआत हुई।

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