चीन को पुलवामा हमले का दुख लेकिन मसूद पर दोमुंहा रुख, नहीं बदला रवैया

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बीजिंग : भारत से रिश्ते को लेकर चीन ने एक बार फिर दोमुंही नीति सार्वजनिक की है। पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले पर गहरा शोक जताया है, तो जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की भारत की अर्जी का संयुक्त राष्ट्र में समर्थन करने से इन्कार भी किया है। चीन के लगातार विरोध के चलते अजहर के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

गुरुवार को पुलवामा के नजदीक आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी ने सीआरपीएफ की बस से अपना वाहन टकराकर 40 से ज्यादा जवानों को शहीद कर दिया था। हमले की निंदा के पूरी दुनिया के स्वर में चीन ने अपना स्वर भी मिलाया है लेकिन पाकिस्तान के संरक्षण वाले आतंकी संगठन जैश के प्रति अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा, हमने आत्मघाती आतंकी हमले के संबंध में आई रिपोर्ट पढ़ी हैं। हमले को लेकर हमें गहरा दुख है। शहीद और घायलों के परिवारों के प्रति चीन गहरी संवेदना व्यक्त करता है। प्रवक्ता ने कहा कि चीन हर तरह के आतंकवाद की निंदा करता है। हम उम्मीद करते हैं कि क्षेत्रीय देश मिलकर आतंकवाद के खतरे से निपटेंगे और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को कायम रखेंगे।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर प्रवक्ता ने कहा, किसी भी व्यक्ति या संगठन को प्रतिबंधित घोषित करने की प्रक्रिया के स्पष्ट प्रावधान हैं। हम उनका जिम्मेदारी से पालन करने के रुख पर कायम हैं। उल्लेखनीय है कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की अर्जी का अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस समर्थन कर रहे हैं। लेकिन चीन अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर हमेशा इसे आगे बढ़ने से रोक देता है।

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