26/11 के मुंबई हमले का मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ पाक में केस दर्ज, आतंकवाद के वित्तपोषण का है मामला

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इस्लामाबाद। अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को वैश्विक आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े 23 मामले दर्ज किए हैं। ये मामले आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत दर्ज हुए हैं। पाकिस्तान के आतंकवादरोधी विभाग ने कहा है कि जल्द ही हाफिज के संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा की पूरी संपत्ति दर्ज कर ली जाएगी।

साथ ही इस संगठन से जुड़े हाफिज समेत तमाम आतंकवादियों की निजी संपत्ति भी सरकार अपने कब्जे में कर लेगी। हाफिज सईद पर मुख्यरूप से आतंकी फंडिंग और प्रशिक्षण देने का आरोप है। इससे पहले पाक सरकार हाफिज सईद द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों को बंद कराने की कार्रवाई कर चुकी है।

जैश के आतंकियों पर भी मुकदमा : एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि सईद और उसके संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित जैश-ए-मोहम्मद के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए थे।

दान की आड़ में आतंक : आरोपपत्र के हवाले से एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा है कि ये अभियुक्त संगठन दान की आड़ में आतंकी फंडिंग कर रहे थे।
सहयोगी संगठनों पर भी शिकंजा : विभाग ने बयान में कहा है कि लश्कर के सहयोगी संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन की भी संपत्ति जब्त की जाएगी।

12 आर्थिक सहायता राशियों का दुरुपयोग : पाकिस्तान के आतंकवाद रोधी विभाग ने कहा कि हाफिज ने पांच ट्रस्टो के जरिए 12 आर्थिक सहायता राशियों को लश्कर-ए-तैय्यबा को दान दिलाया। इस रुपये का पूरा इस्तेमाल आतंकवाद बढ़ाने के लिए हुआ।

एफएटीएफ रिपोर्ट से दबाव में था पाक
वैश्विक वित्तीय निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने जून में रिपोर्ट जारी करके कहा था कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकवाद खत्म करने की कार्ययोजना लागू करने में असफल रहा। जिसके कारण पाकिस्तान लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने के गहरे दबाव में था। पाक के पास 15 माह की कार्ययोजना को पूरा करने में सितंबर तक का ही समय बचा है।

पहली बार मुकदमा दर्ज किया
ऐसा पहली बार है जब पाक सरकार ने हाफिज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अब तक वह अपनी जमीन पर रह रहे आतंकियों को मात्र निगरानी सूची में ही डालता रहा है। ये 23 मामले पंजाब प्रांत स्थित आतंकवाद रोधी विभाग ने दर्ज किए हैं।

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