UNGA में पीएम मोदी ने कहा-आतंकवाद मानवता की सबसे बड़ी चुनौती, भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए

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नई दिल्ली। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया. इस वैश्विक मंच से उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंक पर बंटी हुई दुनिया किसी के हित में नहीं हैं और ऐसी बंटी हुई दुनिया यूएन के जन्म के सिद्धांत पर चोट करती है. आतंकवाद पर बिखरी दुनिया किसी का हित नहीं कर सकती है. भारत की आवाज में दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता और आक्रोश दोनों हैं. भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएन में कहा कि आतंक के खिलाफ दुनिया का एकजुट होना जरूरी है और भारत ने विश्व को हमेशा से शांति और भाईचारे का संदेश दिया है. पीएम मोदी ने ये भी कहा कि हम मानते हैं कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है.

भारत की परंपरा का किया बखान
यूएन के मंच से भारत का डंका बजाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तीन हजार सालों से भारत की परंपरा अपनेपन की रही है और हम सभी स्थानों के लिए अपनेपन का भाव रखते हैं. हमारा भाव है कि सभी लोग अपने हैं. भारत इस समय जिन विषयों को उठा रहा है और जिन नए वैश्विक मंचों के निर्माण के लिए भारत आगे आया है, उसका आधार वैश्विक चुनौतियां हैं. इन वैश्विक विषयों और गंभीर समस्याओं के समाधान का सामूहिक प्रयास करना भारत की सोच है और इसके लिए प्रभावी कदम हमारी सरकार की ओर से उठाए जा रहे हैं. हमारे देश की संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है, जिसकी अपनी जीवंत परंपराएं हैं, जो वैश्विक सपनों को अपने में समेटे हुए है, हमारे संस्कार, हमारी संस्कृति प्रत्येक जीव में शिव देखती है.

PM Modi in UNGC

भारत का टीबी से मुक्ति के लिए 2025 तक का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि विश्व ने भले ही टी.बी. से मुक्ति के लिए वर्ष 2030 तक का समय रखा हो, लेकिन हम 2025 तक भारत को टी.बी. मुक्त करने के लिए काम कर रहे हैं. इसके अलावा आने वाले 5 वर्षों में हम जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने वाले हैं. हमने पूरी दुनिया को प्रेरक संदेश दिया है और हमारे सपने विश्न के सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं.

पर्यावरण के गंभीर मुद्दे पर दिया ये बयान
पीएम मोदी ने कहा कि यहां आते समय मैंने संयुक्त राष्ट्र की इमारत की दीवार पर मैंने पढ़ा- “नो मोर सिंगल यूज प्लास्टिक”.मैं इस सभा को ये बताना चाहता हूं कि आज जब मैं आपको संबोधित कर रहा हूं, उस वक्त हम पूरे भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए एक बड़ा अभियान चला रहे हैं. इसके अलावा पर्यावरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग में भारत का योगदान बहुत ही कम रहा है लेकिन इसके समाधान के लिए कदम उठाने वालों में भारत अग्रणी देशों में रहा है. भारत प्राकृतिक आपदाओं का मजबूती से सामना करने वाले आधारभूत ढांचा बनाने में मदद करने वाला संगठन सीडीआरआई बनाने में जुड़ा है.

यूएन को धन्यवाद देने के साथ की भाषण की शुरुआत
अपने भाषण की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को 130 करोड़ भारतीयों की तरफ से संबोधित करना, मेरे लिए गौरव का अवसर है और इसके लिए मैं धन्यवाद करता हूं. साथ ही कहा कि भारत में हुए चुनाव में मिले भारी जनादेश की बदौलत मैं आपके बीच में हूं. मुझे और मेरी सरकार को जनता ने चुना है. साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 साल में सबसे ज्यादा बैंक खाते खुलवाए हैं. सरकार ने दुनिया भर के गरीबों में विश्वास जगाया है.

वसुधैव कुटुंबकम की तर्ज पर विश्व के साथ आगे बढ़ने की बात की
पीएम मोदी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास हमारी प्रेरणा है और हम 130 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर प्रयास कर रहे हैं लेकिन ये प्रयास जिन सपनों के लिए हो रहे हैं, वो सारे विश्व, हर देश के साथ हर समाज के लिए साकार हो सकें, ऐसी सरकार की कोशिश है. पीएम मोदी ने ये भी कहा कि प्रयास हमारे हैं और इसके नतीजे सारी दुनिया के लिए हैं.

भारत सरकार की योजनाओं की भी दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएन के मंच से जानकारी दी कि अगले 5 सालों में हम जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने वाले हैं. 2022 में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष का पर्व मनाएगा, तब तक हम गरीबों के लिए 2 करोड़ और घरों का निर्माण करने वाले हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक विकासशील देश होने के बावजूद दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम सफलतापूर्वक चलाता है. इसके तहत जब 50 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है, तो उसके साथ बनी संवेदनशील व्यवस्थाएं पूरी दुनिया को एक नया मार्ग दिखाती हैं. इसके अलावा 5 साल में भारत सरकार ने 11 करोड़ शौचालय बनवाए जिससे लोगों की जिंदगी में बेहद अहम बदलाव देखने को मिले हैं.

साफ है कि अपने करीब 17 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के सामने भारत की परंपरा, संस्कृति के साथ-साथ विकास की दिशा में होने वाले प्रयासों के बारे में भी बात की. इसके अलावा आतंकवाद के मोर्चे पर दुनिया को संदेश दिया और आगाह किया कि इस पर एकमत न होने के क्या परिणाम हो सकते हैं.

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