पीएम मोदी ने कोरिया में उठाया आतंकवाद का मुद्दा, कहा- महात्मा गांधी के जीवन से रास्ता खोज सकते हैं

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सियोल।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) दो दिन के दक्षिण कोरिया (South Korea) दौरे पर हैं और वह बुधवार रात को सियोल पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया। सियोल जाने से पहले प्रधानमंत्री ने दक्षिण कोरिया को मूल्यवान मित्र और मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत, स्टार्ट अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों में विशेष सामरिक साझीदार बताया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2018 का सियोल शांति सम्मान प्रदान किया जाएगा । इससे संबंधित समारोह का आयोजन सियोल शांति सम्मान सांस्कृतिक फाउंडेशन ने 22 फरवरी को किया है जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी के योगदान को मान्यता प्रदान करने के बारे में है।

– अपनी जीवन शैली के माध्यम से बापू ने दिखाया कि प्रकृति के साथ सद्भाव में रहना क्या है। उन्होंने यह भी दिखाया कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरे ग्रह को छोड़ना महत्वपूर्ण है: पीएम मोदी
– बापू के विचारों और आदर्शों में आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन के खतरे को दूर करने में हमारी मदद करने की शक्ति है, इस समय में मानवता को दो चुनौतियां: पीएम मोदी

– PM Modi ने कोरिया में उठाया आतंकवाद का मुद्दा, कहा-महात्मा गांधी के जीवन से रास्ता खोज सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में आतंकवाद और क्लाइमेंट चीज सबसे बड़ी समस्या।

– पीएम मोदी ने कहा, चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में रिसर्च और इनोवेशन प्रेरक शक्ति होंगे। इस संबंध में, हमने भारत में चार साल पहले एक स्टार्टअप कार्यक्रम चालू किया था। इस इको-सिस्टम बनाने के लिए हमने 1.4 बिलियन डॉलर के फंड दिया है।

– अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आज हम दुनिया के छठे सबसे बड़े उत्पादक बन गए हैं। यह और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की हमारी पहल, भारत को हरित वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने में सक्षम बनाएगी: पीएम मोदी

– आज एफडीआई के लिए सबसे खुले देशों में से एक हम हैं। हमारे 90 फीसदी से अधिक सेक्टर में अब एफडीआई के लिए ऑटोमेटिक अनुमति मिल जाती है: पीएम मोदी

– हम निकट भविष्य में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं। दुनिया में कोई अन्य बड़ी अर्थव्यवस्था साल दर साल 7 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ रही है। जीएसटी की शुरुआत जैसे कठोर नीतिगत निर्णय लिए गए हैं: पीएम मोदी

– कोरिया भारत के टॉप -10 ट्रेड पार्टनर्स में शामिल है। हमारा व्यापार 2018 में 21.5 बिलियन तक पहुंच गया  है: पीएम मोदी

– सियोल में भारत-कोरिया व्यापार समिट में पीएम मोदी ने कहा, भारत अवसरों की भूमि के रूप में उभर रहा है। जब हम ‘इंडियन ड्रीम’ को साकार करने के लिए काम करते हैं, तो हम समान विचारधारा वाले भागीदारों की तलाश करते हैं। उन्होंने कहा कि हम दक्षिण कोरिया को सच्चे साझेदार के रूप में देखते हैं।

– दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के होटल में पहुंचने पर पीएम मोदी के स्वागत पर भारतीय समुदाय के लोगों ने मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारे लगाए।

– विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इस यात्रा से दक्षिण कोरिया के साथ भारत की विशेष सामरिक साझेदारी मजूबत होगी और ‘लुक ईस्ट नीति में नया आयाम जुड़ेगा। कुमार ने ट्वीट किया है, ”उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की गति बरकरार रखते हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रिपब्लिक ऑफ कोरिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए सियोल रवाना।

– रवानगी से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया था, ”मैं बुधवार शाम को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति राष्ट्रपति मून जे इन के निमंत्रण पर दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो जाऊंगा । हम दक्षिण कोरिया को एक मूल्यवान मित्र मानते हैं जिसके साथ हमारी विशेष सामरिक भागीदारी है। इस यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

– पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र के साथी के रूप में भारत और दक्षिण कोरिया ने साझा मूल्य और विश्व शांति के लिए एक दृष्टिकोण साझा किया है। बाजार अर्थव्यवस्था के साथी के रूप में हमारी ज़रूरतें और ताकत एक दूसरे की पूरक हैं। दक्षिण कोरिया मेक इन इंडिया, स्‍वच्‍छ भारत और स्‍टार्ट अप इंडिया का महत्‍वपूर्ण साझीदार है।

– इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ सामरिक मुद्दों समेत द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर चर्चा करेंगे । उन्हें वहां सियोल शांति सम्मान भी प्रदान किया जायेगा

-विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 फरवरी को सियोल पहुंचेंगे । इस अवसर पर वे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों एवं हाल के घटनाक्रमों पर विचार विमर्श करेंगे । बयान के अनुसार, दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान हो सकता है जिसका मकसद साझे मूल्यों एवं हितों पर आधारित दोनों देशों के विशेष सामरिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना है।

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