रूस के पूर्वी क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं, निवेश का बड़ा अवसर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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मास्को/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को भारतीय उद्यमियों के साथ कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं ऊर्जा विषय पर आधारित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रूस के ज़बाइकल्सकी क्राय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के सेक्टर में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस दौरान उन्होंने कहा कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में लगभग 8 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के विकास की संभावनाएं विद्यमान हैं, जो हम सभी के लिए निवेश की संभावनाओं का अवसर प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तथा रूस के विगत सात दशकों से प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। आजादी के तुरंत बाद भारत की प्रगति में रूसी सहयोग का बड़ा योगदान रहा है। रक्षा, औद्योगिक तथा परमाणु क्षेत्र में हमें रूस का भरपूर सहयोग मिला है। यह कहना गलत नहीं होगा कि रूस एवं भारत की मित्रता वर्ष दर वर्ष प्रगाढ़ होती गई और हम एक दूसरे के स्ट्रेटजिक पार्टनर बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश की तरह उत्तर प्रदेश में भी इस सहयोग के अनेक उदाहरण मौजूद हैं। 1968 में ओबरा तथा 1971 में हरदुआगंज में सोवियत संघ के सहयोग से थर्मल पावर प्लांट का निर्माण किया गया। रूसी कंपनियों द्वारा टेहरी एवं कोटेश्वर हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट के निर्माण में सहयोग प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं कॉनट्रैक्टफार्मिंग के क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सी. एस. आई. आर.) तथा भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद (आई. सी. ए. आर.) शीर्षस्थ शोध एवं विकास संस्थाएं भारत में स्थापित हैं और इन संस्थाओं के विशेषज्ञता एवं मार्गदर्शन से सुदूर पूर्वी रूस में कृषि चुनौतियों को दूर कर कृषि के समेकित विकास की संभावनाओं के लिये रोड मैप तैयार करने में सहायता मिलेगी।

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