विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई पर पाक सरकार में घमासान

नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की रिहाई को लेकर पाकिस्तान में ही बवाल शुरू हो गया है। पाकिस्तान के लिए आम चलन में प्रयोग होने वाले ‘संकटग्रस्त देश’ की परतें इस प्रकरण के बाद खुलकर सामने आ रही हैं। भारतीय पायलट को दो ही दिन में रिहा करने का जहां कुछ लोग समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को कम करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल कहा जा रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि खुद सरकार के अंदर भी कुछ ऐसे लोग हैं जो इस फैसले के विरोध में हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार के अंदर कुछ लोगों का कहना है कि अभिनंदन एक हथियार हो सकते थे, लेकिन उन्हें आसानी से छोड़ दिया गया।

सऊदी और अमेरिका से था पाक पर दबाव
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक इंटरव्यू में कहा कि यह कदम किसी दबाव में नहीं लिया गया। कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने यह फैसला किसी तरह के दबाव में नहीं, बल्कि शांति की पहल के तौर पर लिया गया। हालांकि, कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने यह फैसला दबाव में लिया है। अमेरिका और सऊदी अरब जैसे ताकतवर देशों के दबाव के बाद यह फैसला किया गया।

सूत्रों का कहना है कि भारत के सख्त रुख ने भी पाकिस्तान को परेशान किया। एक वरिष्ठ सूत्र का कहना है कि अभिनंदन को तत्काल रिहा करने का फैसला चुनी हुई इमरान खान सरकार का मानना भूल होगी। इस फैसले के पीछे निर्णायक भूमिका पाकिस्तान की सेना ने ही निभाई। सूत्रों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान के अंदर की बेचैनी को देखते हुए सेना ने दो काम भी एहतियात के तौर पर उठाए।

अभिनंदन की रिहाई का विरोध करनेवाले गुट और कुछ ताकतों को नियंत्रित करने के लिहाज से सेना ने सोच-समझकर दो काम किया। लाहौर रवाना करने से पहले सेना ने विंग कमांडर का एक विडियो शूट किया, जिसकी भारत में काफी आलोचना हो रही है। अभिनंदन को लाहौर से वाघा ले जाने का फैसला और इंतजाम भी सोच-समझकर किया गया ताकि किसी भीड़ या असामाजिक ताकत कोई अप्रिय हरकत अंजाम न दे सकें।