भारत के खिलाफ एफ-16 विमान के गलत इस्तेमाल पर तथ्य जुटा रहा अमेरिका

वाशिंगटन. भारतीय वायुसेना के हमले के जवाब में एफ-16 से कार्रवाई करने पर पाक फंसता नजर आ रहा है। अमेरिका तथ्य जुटा रहा है कि पाक ने भारत पर हमले के लिए उसके एफ-16 विमान का इस्तेमाल किया भी है, या नहीं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ले. कर्नल कोने फॉकनर ने कहा कि एफ-16 के गलत इस्तेमाल पर वह तथ्य जुटा रहे हैं। फैसला तथ्यों के आधार पर लिया जाएगा।

आतंक से लड़ने और राजद्रोह में हो सकता है इस्तेमाल

  1. पेंटागन की डिफेंस सिक्युरिटी एंड कॉपरेशन एजेंसी (डीएससीए) के मुताबिक, अमेरिका से मिले एफ-16 विमान का इस्तेमाल पाक दूसरे देश पर हमले के लिए नहीं कर सकता है। आतंकवाद से लड़ाई और राजद्रोह की स्थिति में ही वह इनका इस्तेमाल कर सकता है।
  2. सार्वजनिक किए जा चुके इन अहम दस्तावेजों में कहा गया है कि अमेरिका ने लगभग एक दर्जन प्रतिबंध पाक पर लगा रखे हैं, जिससे विमान का वह गलत इस्तेमाल न कर सके। फॉकनर का कहना है कि अगर पाक ने भारत पर हमले के लिए एफ-16 का इस्तेमाल किया है तो इसका मतलब उसने अमेरिका के साथ किए करार का उल्लंघन किया है।
  3. फॉकनर का कहना है कि अमेरिका उच्च दक्षता वाले रक्षा उत्पाद बनाने के मामले में अव्वल है। लेकिन, वह इस बात का ख्याल भी रखता है कि कोई देश उसकी तकनीक का गलत इस्तेमाल न करे। अगर कोई ऐसा करता है तो इसे अमेरिका गंभीरता से लेता है।
  4. भारत ने एफ-16 विमान से हमला करने के सबूत पेश किए

    गुरुवार को भारतीय सेना ने पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा भारतीय सीमा में एफ-16 विमान से हमला करने के सबूत पेश किए। एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर ने कहा कि पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए एम्राम मिसाइल का इस्तेमाल किया, इसे केवल पाकिस्तान में मौजूद एफ-16 विमान ही दाग सकता है।

  5. एयर वाइस मार्शल ने कहा कि जहां तक सबूतों की बात है तो पाकिस्तान में केवल एक एफ-16 विमान है, जिस पर एम्राम मिसाइल लगाई जा सकती है। उस मिसाइल के टुकड़े राजौरी के पास भारतीय सीमा में पाए गए हैं। इसका मतलब है कि उन्होंने एफ-16 का इस्तेमाल किया है।
  6. पाक ने एफ-16 के इस्तेमाल से इनकार किया था

    इससे पहले बुधवार को पाकिस्तान ने कहा था कि उसने भारत पर हमले के लिए एफ-16 विमान का इस्तेमाल नहीं किया। पाक ने भारत के उस दावे को भी खारिज किया था, जिसमें उसके एक लड़ाकू विमान को मार गिराने की बात कही गई है।

  7. 20 जुलाई 2006 में अमेरिका के राजनीतिक सैन्य मामलों के तत्कालीन सहायक मंत्री जॉन मिलर ने संसद में कहा था कि अपने रक्षा उत्पादों और उनसे जुड़ी तकनीक के गलत इस्तेमाल पर उनका देश खासा सख्त है। तब उन्होंने कुछ प्रतिबंधों का हवाला दिया था, जो पाक के खिलाफ तैयार किए गए सिक्युरिटी प्लान का हिस्सा हैं।
  8. संसदीय सुनवाई की रिपोर्ट बताती है कि तीसरे देश के साथ सैन्य अभ्यास हो या फिर मिलिट्री ऑपरेशन। अपनी सीमा से बाहर एफ 16 विमानों का इस्तेमाल करने के लिए पाक को अमेरिका से पहले ही अनुमति हासिल करनी होगी।
  9. लॉकहीड मार्टिन ने पाक के दावे को खारिज किया

    एफ-16 विमान बनाने वाली अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने पाक के सूचना निदेशक दन्याल गिलानी के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी भारत सरकार पर कानूनी दावा ठोकने जा रही है, क्योंकि भारतीय वायुसेना यह दावा कर रही है कि उसके मिग-21 विमान ने एफ-16 को मार गिराया। गिलानी ने यह दावा टि्वटर पर किया था। हालांकि लॉकहीड मार्टिन के विरोध के बाद गिलानी ने अपना ट्वीट हटा लिया।