कर्नाटकः येदियुरप्पा ने जीता विश्वासमत, इस्तीफ़ा देंगे स्पीकर रमेश कुमार?

Spread the love

बंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने सदन में विश्वास मत हासिल कर लिया है. सदन में कुल 225 विधायक हैं लेकिन 17 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद ये संख्या 208 हो गई.

अब बहुमत साबित करने के लिए 105 सीटों की ज़रूरत थी और खुद बीजेपी के पास 105 सीटें हैं और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन है. ऐसे में 106 सीटों के साथ बीजेपी ने आसानी से बहुमत हासिल कर लिया.

अब नज़रें इस ओर होगी कि क्या विधानसभा में वित्त विधेयक पारित होने के बाद स्पीकर केआर रमेश कुमार अपने पद से इस्तीफ़ा देंगे.

विश्वास मत साबित करने से ठीक एक दिन पहले स्पीकर रमेश कुमार का 14 विधायकों को अयोग्य ठहराते हुए इस बात की ओर ईशारा किया है कि कई अप्रत्याशित चीज़ें आगे हो सकती हैं.

रविवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जब उनसे इस्तीफ़ा देने की योजना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ” आपको इस बारे में कल पता चलेगा. रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस है ये आपको सुबह 9-10 बजे पता चला. कल कुछ और सरप्राइज़ होगा. ”

रमेश कुमार को क़रीब से जानने वालों को मानना है कि वह ख़ुद अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे लेकिन वित्त विधेयक पारित होने के बाद ताकि सरकार चलाने के लिए ज़रूरी पैसों की ज़रूरत को पूरा किया जा सके.

नाम ना बताने की शर्त पर एक विधायक ने कहा, ”उनकी (कुमार रमेश) की विचारधारा बीजेपी विरोधी है ऐसे में ये सवाल ही पैदा नहीं होता कि वह बीजेपी सरकार में स्पीकर के पद पर बने रहेंगे.”

रविवार को सदन के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कांग्रेस और जेडीएस के 14 विधायकों को अयोग्य साबित कर दिया है

केआर रमेश कुमार ने दल बदल विरोधी कानून का इस्तेमाल करके इन विधायकों को मौजूदा एसेंबली के कार्यकाल 2023 तक के लिए अयोग्य ठहराया है.

इससे पहले गुरुवार को स्पीकर रमेश कुमार ने तीन अन्य विधायकों को अयोग्य ठहराया था जिनमें दो कांग्रेस के विधायक और एक निर्दलीय विधायक शामिल थे.

हालांकि स्पीकर के ताज़ा फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. महाराष्ट्र के एक रिज़ॉर्ट में मौजूद जेडीएस के बाग़ी विधायकों में से एक ए एच विश्वनाथ ने बीबीसी हिंदी को बताया कि विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के फ़ैसले को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी.

17 विधायकों के बागी होने के बाद कर्नाटक में 23 जुलाई को कांग्रेस-जेडीएस सरकार सदन में बहुमत साबित करने में नाकाम रही और कुमारस्वामी की सरकार गिर गई.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *