महात्मा गांधी जयंती पर दिखी विरासत की होड़, बापू के बहाने विपक्षी दलों पर साधे निशाने

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नई दिल्ली। महात्मा गांधी को पूरी दुनिया ने शांति और अहिंसा के दूत के तौर पर अपनाया है। उनकी 150वीं जयंती पर देश में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। सोशल मीडिया से लेकर समाज तक में बापू के लेख, उनके कहे शब्द और उनके जीवन के आदर्शों की गूंज सुनाई पड़ी। हालांकि एक तरफ पूरा देश और दुनिया बापू को नमन कर रहे थे तो दूसरी तरफ राजनीतिक दलों में तेरे गांधी-मेरे गांधी की होड़ भी देखने को मिली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और गली मोहल्ले के स्कूलों से लेकर डांडी के तटों तक बापू को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए, उनके आदर्शो को जीवन में अपनाने का वचन लिया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में राष्ट्र ने बापू को राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि गांधी जी ने भारतीय राष्ट्रवाद की जो परिकल्पना की थी, वह कभी ‘संकीर्ण ’ नहीं थी। हालांकि बापू की जयंती पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच उनकी विरासत पर दावेदारी को लेकर रस्साकशी भी दिखाई दी। दोनों ही दलों ने बढ़-चढ़ कर रैलियों और यात्राओं का आयोजन किया।

उधर, कांग्रेस ने भगवा पार्टी के मुकाबले में कई रैलियों और पदयात्राओं का आयोजन किया। संभवत: यह पहली बार था जब उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी तीनों हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गांधी के आदर्शो का प्रचार प्रसार करने के लिए सड़कों पर निकले। सोनिया गांधी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि झूठ फैलाने में लगे लोग बापू के आदर्शो को नहीं समझ सकते । उन्होंने साथ ही दावा किया कि कांग्रेस की एकमात्र ऐसी पार्टी है जो उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करती आ रही है और उनकी विरासत को आगे बढ़ा रही है।

बापू के बहाने सोनिया का बीजेपी पर वार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘जो लोग झूठ की राजनीति करते हैं वे कैसे समझ सकते हैं कि गांधीजी सचाई के पुजारी थे? जो लोग सत्ता के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार रहते हैं, वे कैसे समझ सकते हैं कि गांधीजी अहिंसा के पुजारी थे।’ उन्होंने सत्ता पक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘सत्ता के भूखे लोग कैसे गांधीजी के स्वराज का अर्थ समझ सकते हैं? जो मौका मिलते ही सबसे पहले खुद को सर्वेसर्वा होने का दावा करते हैं, वे गांधी जी की निस्वार्थ सेवा को कैसे समझ सकते हैं?’

मोदी बोले, बापू के आखिरी आदमी के लिए कर रहे काम
दूसरी तरफ अहमदाबाद में पीएम मोदी ने गांधी जी के सपनों का भारत बनाने का दावा करते हुए कहा कि हम उनके सपनों को साकार करने में जुटे हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘बापू आखिरी आदमी के लिए फैसले की बात करते थे। हमने उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना और स्वच्छता योजना से इसे व्यवस्था का हिस्सा बना दिया है।’ पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 60 महीने में 60 करोड़ लोगों के लिए शौचालय तैयार किए गए। 11 करोड़ शौचालयों के निर्माण की बात सुनकर विश्व अचंभित है।

लेफ्ट बोला, …तो आज अनशन पर बैठ जाते महात्मा गांधी
इस बीच वामपंथी दल सीपीएम के नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने जिन चीजों के लिए संघर्ष किया, आज वे संकट में हैं। पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी और पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने पार्टी मुखपत्र पीपल्स डेमोक्रेसी में लिखे लेखों में कहा कि आज यदि गांधी जी जीवित होते तो मॉब लिंचिंग की घटनाएं देख अनशन पर बैठ जाते। प्रकाश करात ने लिखा, ‘महात्मा गांधी के लिए हिंसा की एक भी घटना जिसमें किसी निर्दोष व्यक्ति को शिकार बनाया जाए, अभिशाप की तरह थी।’

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