कर्नाटक: चौथी बार येदियुरप्पा ने संभाली सीएम की कुर्सी, 29 को विश्वासमत करेंगे हासिल

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बंगलुरू। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने आज चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने से पहले वह मंदिर पहुंचे और फिर भाजपा दफ्तर। इसके बाद वह राजभवन पहुंचे जहां उन्हें राज्यपाल ने सीएम पद की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण करने के बाद येदियुरप्पा ने कहा कि हम 29 जुलाई को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव रखेंगे। येदियुरप्पा ने कहा कि उन्हें विश्वास मत जीतने का भरोसा है और उम्मीद है कि कांग्रेस और जद (एस) के 16 बागी विधायक विश्वास मत के दौरान भी अनुपस्थित रहेंगे जैसे वे मंगलवार को अनुपस्थित रहे थे, जिससे उन्हें बढ़त हासिल होगी।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य में येदियुरप्पा के नेतृत्व में स्थिर सरकार बनने का विश्वास जताया।

तुगलक दरबार की दी संज्ञा 

पद और गोपनीयता की शपथ लेने के लिए राजभवन जाने से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि हमें प्रशासन में अंतर दिखाना होगा। प्रतशोध की राजनीति नहीं होगी और मैं विपक्ष को साथ लेकर चलूंगा । प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस जदएस गठबंधन सरकार पर बरसते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि वह तुगलक दरबार था और उसमें विकास अवरूद्ध हो गया था।

ईमानदार प्रशासन देने का वादा करते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी रेखांकित किया। येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका महती है। किसान, मछुआरे, कुम्हार, बुनकर, आदिवासी और वंचित समुदाय को नई सरकार से बहुत अधिक उम्मीद है। आपके (पार्टी कार्यकर्ताओं) समर्थन के बिना मैं उनकी उम्मीदों को पूरा नहीं कर सकता हूं।

शपथ से पहले येदियुरप्पा बंगलूरू के कडू मल्लेश्वर मंदिर में प्रार्थना करते भी दिखे थे।

शुक्रवार को अचानक सरकार के गठन के बारे में भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन किया और शपथ के लिए तैयार होने के लिए कहा।

इससे पहले गुरुवार को जगदीश शेट्टार, अरविंद लिंबावली, मधुस्वामी, बसवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र समेत कर्नाटक भाजपा के नेताओं ने गुरुवार को नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी और ऐसा बताया जा रहा था कि उन्होंने सरकार गठन के बारे में चर्चा की थी।

कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने गुरुवार को कांग्रेस के तीन बागी विधायकों को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया था। बता दें कि कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद मंगलवार को गिर गई थी। इसी के साथ राज्य में तीन सप्ताह से चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लग गया था।

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