बिहार बाढ़ः प्रकोप जारी, सौ से ज्यादा लोगों की मौत, 55 लाख लोग प्रभावित

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पटना। बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी आई है लेकिन बाढ़ का प्रकोप अभी भी बना हुआ है। राज्य के 12 जिलों के अधिकांश क्षेत्रों में घरों और खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिसके कारण हजारों लोग बेघर हो गए हैं। अब तक बाढ़ के कारण सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं इस बीच बाढ़ से प्रभावित 55 लाख लोगों को शुक्रवार को राहत राशि भेजा जाना शुरू कर दिया गया है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के बारह जिलों के 97 प्रखंडों के 921 पंचायतों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है, जिससे 55 लाख से ज्यादा की जनसंख्या प्रभावित है। बाढ़ से अब तक सौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों घर तबाह हो चुके हैं। एक तरफ कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ नए स्थानों में बाढ़ का पानी फैल रहा है।

पानी कम होने से गावों को जोड़ने वाली सड़के और पुल-पुलिया बह चुके हैं। बिहार जल संसाधन विभाग के मुताबिक, बिहार में नेपाल से आने वाली कोसी नदी सहित कई नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को कमी दर्ज की गई। जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नदियों के जलस्तर में कमी आई है, परंतु अभी भी बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, अधवारा और महानंदा नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं हैं।

जलसंसाधन विभाग द्वारा तटबंधों पर लगातार गश्त करवाई जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं। उन्होंने बताया कि हर एक बाढ़ पीड़ित को छह हजार रुपये उनके खाते में भेजे जाने शुरू हो गए हैं।

प्रभावित इलाकों में बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए क्षेत्र के चिकित्सकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। जहां पानी कम हुआ है, वहां ब्लीचिंग का छिड़काव हो रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए 130 राहत शिविरों में 1.13 लाख लोग शरण लिए हुए हैं। 1,119 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है।

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