सीएम कमलनाथ का ऐलान, सवर्णों को 10 फीसदी, पिछड़ा वर्ग को मिलेगा 27 % आरक्षण

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भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक और मास्टर स्ट्रोक लगाया है। सीएम ने एलान किया है कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। वहीं केंद्र सरकार द्वारा गरीब सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में दिए जाने वाला दस फीसदी आरक्षण मध्य प्रदेश में लागू होगा। सागर में किसान ऋण माफ़ी कार्यक्रम में सीएम कमलनाथ ने यह ऐलान किया। सीएम ने अपने कार्यक्रम के दौरान फसल ऋण माफी योजना सहित 763 करोड रुपए की विकास योजनाओ के लिए भूमि पूजन और लोकार्पण भी किया। इस दौरान कमलनाथ ने मोदी सरकार पर हमला बोला, उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में गरीबों के खाते में 15 लाख रुपए डालने के बीजेपी के वादे की याद दिलायी। उन्होंने कहा, खाते में 100 रुपए कम हो गए पर 15 लाख रुपए नहीं आए। उन्होंने पीएम मोदी को सलाह दी कि वो जुमले देना बंद करें।  सीएम ने राष्ट्रवाद पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी एक भी स्वतंत्रता सेनानी का नाम बता दे जो उनकी पार्टी से जुड़ा हो।

दरअसल, कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले चुनाव के दौरान अपने वचन पत्र में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का जिक्र किया था। पिछले दिनों ग्वालियर में OBC वर्ग ने विशाल रैली और धरना कर इस वचन को निभाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया था। उनका कहना था कि मध्य प्रदेश में ओबीसी को अभी 14 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है, जबकि सेंट्रल गवर्मेन्ट में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है और अन्य प्रदेशों जैसे तमिलनाडु में 50  प्रतिशत और बिहार में 33 प्रतिशत आरक्षण एवं अन्य प्रदेशों में 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है । सत्ता में आने के ढाई माह बाद सरकार ने इसका एलान किया है। लोकसभा चुनाव से पहले सीएम के इस एलान को बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है, हालांकि आचार संहिता लागू होने से पहले इसका लाभ कैसे मिलेगा यह एक बड़ा सवाल है।

सवर्ण आरक्षण पर विपक्ष बना रहा था दबाव 

मोदी सरकार ने गरीब सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में दस फीसदी आरक्षण देने का कानून बनाया। जिसके बाद कई राज्यों में इसे लागू कर दिया गया था। लेकिन मध्य प्रदेश में सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण लागू नहीं किया गया। अब सीएम कमलनाथ ने ऐलान किया है कि मध्य प्रदेश में सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा लगातार सरकार को घेर रही थी। भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में थी। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम को पत्र लिखकर आरक्षण लागू करने की मांग की थी। वहीं विधानसभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने गरीब सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण नहीं देने पर कमलनाथ सरकार को जमकर घेरा था। जिस पर कमलनाथ ने कहा था कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में आरक्षण को लेकर जो वादा किया है, उसको पूरा करेगी। सवर्ण आरक्षण को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल समिति बनाए जाने की बात कह चुके हैं, जिसकी रिपोर्ट पर कोई आखिरी फैसला होगा।

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