पोषण अभियान में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पुरस्कार, दुर्ग बना श्रेष्ठ जिला

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रायपुर। छत्तीसगढ़ को पोषण अभियान में उल्लेखनीय कार्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। पोषण अभियान की दो विभिन्न् श्रेणियों में राज्य ने पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इसके लिए राज्य को 50-50 लाख रुपये के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। दुर्ग को श्रेष्ठ जिले चुना गया है।

नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित कंवेंशन हाल में शुक्रवार को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की तरफ से प्रदान किया जाता है। अफसरों ने बताया कि पोषण अभियान के ग्रुप-ए के तहत समेकित बाल विकास सेवा में प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग और आंगनबाड़ी केंद्रों में सतत सीख प्रक्रिया, क्षमता विकास,अभिसरण, समुदाय आधारित गतिविधि संबंधित दो श्रेणियों में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

 दुर्ग श्रेष्ठ जिला और कोरबा का करतला श्रेष्ठ विकास खंड

दुर्ग जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ जिला का पुरस्कार हासिल किया है। वहीं श्रेष्ठ विकासखंड के करतला (कोरबा) का चयन हुआ है। श्रेष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पर्यवेक्षक, एएनएम के दल के रूप में जिला सरगुजा (बतौली) और जिला दुर्ग (पाटन) का चयन किया गया है। इन्हें प्रति दल 2.5 लाख स्र्पये पुरस्कार के स्र्प में दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ का दो श्रेणियों में चयन

राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए छत्तीसगढ़ का चयन दो श्रेणियों में किया गया है। पहली श्रेणी आइसीडीएस-कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है। इसके तहत राज्य के सात जिलों रायपुर, दुर्ग, महासमुन्द, गरियाबंद, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम में आईसीटी-आरटीएम सिस्टम लागू है।

इसके माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीधे मोबाईल से डेटा भारत सरकार के सर्वर पर भेजती हैं और सीधे ऑनलाइन डिजिटल मॉनिटरिंग की जाती है। सभी सात जिलों में लगभग 10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक वर्ष तक नियमित डाटा भेजा। इससे इन केंद्रो में 10 प्रकार की पंजियों का उपयोग बंद हो गया है। इस प्रकार डिजिटाईजेशन की ओर यह अभिनव पहल है।

 

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