Election 2019: उत्तरप्रदेश के साथ मध्यप्रदेश से भी चुनाव लड़ सकती हैं प्रियंका वाड्रा

भोपाल। पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ने की अटकलें, फिर एक्ट्रेस करीना कपूर को भोपाल से चुनाव लड़ाने की मांग के बाद अब नई मांग सामने आई है। कांग्रेस की महिला पदाधिकारियों की मांग है कि उत्तरप्रदेश के साथ ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा की मध्यप्रदेश में एंट्री होना चाहिए।

तीन-चार माह बाद होने जा रहे लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए मध्यप्रदेश की राजधानी में प्रियंका गांधी वाड्रा को लाए जाने की मांग उठ रही है। हाल ही में हुई महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में यह मांग उठी है। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में भी प्रियंका गांधी की चुनावी सभाएं होना चाहिए।

घर-घर प्रचार करेंगे महिला कार्यकर्ता
महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी के आने सेस महिलाओं में ऊर्जा का संचार होगा। बैठक में महिलाओं ने तय किया कि वे घर-घर पहुंचकर कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करेंगी। इसके साथ ही 8 फरवरी को राहुल गांधी की भोपाल में होने जा रही रैली को भी सफल बनाने पर चर्चा की गई।

भोपाल सीट से चुनाव लड़ाने की मांग
इससे पहले कई बार भोपाल में प्रियंका वाड्रा के पोस्टर और बैनर भी लगाए जा चुके थे। जिसमें उन्हें भोपाल लोकसभा सीट से टिकट देने की मांग की गई थी। पोस्टरों में राजीव गांधी, सोनिया गांधी, संजय गांधी और राहुल गांधी के भी फोटो लगाए हुए थे।

पहले भी उठी थी मांग
यह पहली बार नहीं है, जब प्रियंका को मध्यप्रदेश की राजनीति में लाने की डिमांड बढ़ी हो। इससे पहले भी प्रियंका गांधी को मध्यप्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ाए जाने की मांग उठी थी। कांग्रेस का एक गुट कहता है कि यदि विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन को लोकसभा चुनाव में भी देखना है तो मध्यप्रदेश में प्रियंका गांधी को लाना जरूरी है।

29 सीटें हैं एमपी में
मध्यप्रदेश में लोकसभा की कुल 29 सीटें हैं, जिसमें से फिलहाल 26 सीटों पर भाजपा काबिज है। कांग्रेस के पास सिर्फ 3 सीटें ही हैं। यदि भाजपा को परास्त करना है तो कांग्रेस को किससी चमत्कारिक चेहरे को मध्यप्रदेश के मैदान में लाना होगा।

इंदिरा जैसी छवि और भाषण शैली
कांग्रेस का कार्यकर्ता प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी जैसी छवि और उनके जैसी ही भाषण शैली महसूस करता है। जिस वक्त इंदिरा की हत्या हुई, उस समय प्रियंका मात्र 12 साल की थी। सोनिया जब 1999 में अमेठी ससीट से उतरी तो प्रियंका ने चुनाव प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया था। 2014 में राहुल ने अमेठी से पहली बार चुनाव लड़ा, तो प्रियंका वाड्रा ने भाई के लिए प्रचार किया। यही वजह है कि रायबरेली और अमेठी में प्रियंका की कार्यकर्ताओं के बीच काफी पैठ है।

राहुल लड़ सकते हैं छिंदवाड़ा से चुनाव

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ अपनी संसदीय सीट छोड़ देंगे, तो इसके बाद राहुल गांधी चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका के लिए अमेठी सीट छोड़ सकते हैं। इसके अलावा यह भी अटकलें हैं कि प्रियंका दो स्थानों से चुनाव लड़ सकती है। वे अमेठी, रायबरेली और भोपाल से चुनाव लड़ सकती हैं।