क्रिप्टोकरेंसी: मौत के साथ पासवर्ड ग़ायब, डूब जाएंगे 19 करोड़ डॉलर

जयपुर। क्रिप्टोकरेंसी और ख़तरे दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह हैं. पिछले हफ़्ते कनाडा में कुछ ऐसा हुआ जिससे इसके ख़तरे को लेकर बहस और तेज़ हो गई है।

कनाडा के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म क्वार्डिगा के निवेशक लगभग 19.0 करोड़ डॉलर के निवेश डूबने की कगार पर पहुंच गए हैं. इसकी वजह है एक पासवर्ड का ग़ायब होना। ख़ास बात ये है कि इसमें 5.0 करोड़ डॉलर की हार्ड करेंसी भी शामिल है। ऐसा माना जा रहा है कि क्वार्डिगा के संस्थापक गेरलैड कोटेन की मौत के साथ ही ये पासवर्ड भी उनकी क़ब्र में दफ़न हो चुका है.

डिजिटल फ़ाइनेंस के संस्थापक और वक़ील क्रिस्टीन डुहैमी ने कनाडा के चैनल सीबीसी से कहा, ”मुझे कई लोगों ने ईमेल किया है कि उन लोगों के सारे पैसे चले गए हैं. कई लोगों ने अपनी रिटारमेंट की जमा पूंजी भी खो दी है.”

”क्वार्डिगा काफ़ी लंबे वक्त से बाज़ार में है. वो कनाडा की सबसे बड़ी करेंसी एक्सचेंज कंपनी है, ऐसे में लोगों को यक़ीन था कि उनके पैसे सुरक्षित हैं. ”

कोटेन की मौत की जानकारी कंपनी ने अपने फ़ेसबुक पेज और वेबसाइट के ज़रिए दी थी. कंपनी ने बताया कि संस्थापक कोटेन भारत के जयपुर शहर में एक चैरिटी दौरे पर गए थे. वे यहां एक अनाथ और शरणार्थी बच्चों के लिए अनाथाश्रम खोलने की योजना बना रहे थे. कोटेन की मौत महज 30 साल की उम्र में आंत की बीमारी के कारण हुई.

कोटेन की वसी यत

‘द ग्लोब एंड मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक कोटेन ने अपनी मौत के ठीक दो हफ़्ते पहले, 27 नवंबर को अपनी वसीयत पर हस्ताक्षर किए थे.

इन दस्तावेज़ों में कोटेन ने अपनी पत्नी को अपनी संपत्ति का प्रबंधक बनाया है.

अख़बार के मुताबिक़, इस वसीयत में उन्होंने अपने दो कुत्तों के लिए 76,000 डॉलर की राशि का ज़िक्र तो किया लेकिन ये साफ़ नहीं किया गया कि आख़िर उनकी मौत के बाद क्वार्डिगा के लिए फ़ंड की व्यवस्था कैसे की जाएगी.