बिहार चुनाव 2020: वाम दलों के राजद के साथ आने से बदल सकता है चुनावी समीकरण

पटना। लोजपा के एनडीए से अलग होने और तीन वाम दलों के राजद के साथ आने से दोनो बड़े गठबंधनों के लिए यह चुनाव लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। वहीं राजद के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा को लगता है कि तीन वाम दलों के साथ आने से विपक्षी महागठबंधन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का समीकरण बदल सकता है।

झा ने कहा कि बिहार में सीपीआई (माले), भाकपा और माकपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं और करीब 60 विधानसभा सीटों पर इनके निर्णायक वोट हैं। वहीं महागठबंधन के एक और घटक कांग्रेस को भी लगता है कि वाम दलों से गठजोड़ से उनकी संभावनाएं उज्ज्वल हैं।

बिहार से पार्टी के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह का दावा है कि राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से करीब 100 पर वाम दलों की अच्छी मौजूदगी है।

माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य हन्नान मुल्ला ने कहा कि वाम दलों ने हमेशा उनका साथ दिया है जो भाजपा संघ के खिलाफ लड़ते हैं। लेकिन बिहार चुनाव में राजद और कांग्रेस जैसे दल उन्हें सम्मानजनक सीटें नहीं देते, इसलिए हम उनके खिलाफ लड़ते हैं। इस बार महागठबंधन ने वाम दलों की ताकत को महसूस किया और उचित सीटें दी हैं।