सुब्रह्मण्यम स्वामी बोले- कोर्ट कुछ भी फैसला दे, अयोध्या पर सरकार के पास है ‘ब्रह्मास्त्र’

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नई दिल्ली। अयोध्या जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाए, लेकिन सरकार के पास संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत राष्ट्रीयकरण का ब्रह्मास्त्र है.

अनुच्छेद 300-ए  के तहत केस में जीतने वाले को जमीन नहीं, मुआवजा देने का अधिकार है. अयोध्या की कुल 67.703 एकड़ जमीन में से सुप्रीम कोर्ट में केवल 0.313 एकड़ क्षेत्र ही विवादित है.

अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नियमित आधार पर सुनवाई हो रही है. 6 अगस्त से शुरू हुई रोजाना सुनवाई का आज तीसरा दिन है. पहले और दूसरे दिन सर्वोच्च अदालत में निर्मोही अखाड़ा ने अपनी बात रखी और बुधवार शाम को रामलला के वकीलों ने दलील रखना शुरू की थी. मामले की सुनवाई के दौरान जजों ने वकीलों ने तीखे सवाल पूछे जो चर्चा का विषय रहे.

किस मामले पर हो रही सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की 2.77 एकड़ भूमि विवाद से संबंधित मामले में कुल 14 अपीलें दायर की गई हैं. ये सभी अपीलें 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर बांटने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मई, 2011 को स्टे का ऑर्डर दिया था.

मध्यस्थता से नहीं निकला रास्ता

आपको बता दें कि इस मसले पर पहले सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता का रास्ता अपनाने का आदेश दिया था. लेकिन इस रास्ते के तहत बात नहीं बनी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त से इस मसले पर रोजाना सुनवाई करने को कहा. सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई के तहत सप्ताह में तीन वर्किंग डे सुनवाई होती है.

राम मंदिर मसले की सुनवाई हफ्ते में मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को हो रही है. इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ कर रही है. इस पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर भी शामिल हैं.

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