‘बीमार’ साध्वी प्रज्ञा मुंबई कोर्ट नहीं, भोपाल के कार्यक्रम में पहुंचीं, शुक्रवार को होंगी पेश

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भोपाल/मुंबई। भोपाल से नवनिर्वाचित भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में गुरुवार को मुंबई की एनआईए अदालत में पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण वे (प्रज्ञा) भोपाल से मुंबई की यात्रा करने में अक्षम हैं। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई थी। हालांकि गुरुवार सुबह वे भोपाल के एमपी नगर में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। फिर देर रात वे विमान से मुंबई के लिए रवाना हो गईं।

अब पेश होना होगा, वरना…

गुरुवार को जैसे ही मुंबई में कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई, प्रज्ञा के वकील प्रशांत मागू ने विशेष जज वीएस पाडलकर के सामने अपनी मुवक्किल की व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रज्ञा हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं और वे भोपाल से मुंबई की यात्रा करने में अक्षम हैं। इस पर जज ने गुरुवार को पेशी से छूट मंजूर करते हुए कहा कि ‘उन्हें शुक्रवार को पेश होना होगा, वरना उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।”

पेशी से छूट की अर्जी कर दी थी खारिज

मालूम हो कि कोर्ट ने सोमवार को प्रज्ञा की पेशी से छूट की अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि मुकदमे के इस चरण में उनकी मौजूदगी जरूरी है। प्रज्ञा ने संसद से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए इस सप्ताह पेशी से छूट मांगी थी। इन दिनों कोर्ट में अभियोजन के गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कोर्ट ने पिछले महीने इस मामले में प्रज्ञा समेत सात आरोपितों को सप्ताह में कम से कम एक दिन पेश होने का निर्देश दिया था। इस मामले में सभी आरोपित गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) और आईपीसी की विभिन्न् धाराओं के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं।

भोपाल में कार्यक्रम में हुईं शामिल

जानकारी के मुताबिक साध्वी प्रज्ञा ईद के दिन भोपाल शहर काजी से मिलने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई थीं। यहां उन्होंने इलाज कराया था। हालांकि गुस्र्वार सुबह वे एमपी नगर में महाराणा प्रताप जयंती पर हुए कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उनके हाथ पर पट्टी बंधी हुई थी।

एक अन्य आरोपित सुधाकर ने भी मांगी छूट

इस मामले में एक अन्य आरोपित सुधाकर द्विवेदी ने भी यह कहते हुए पेशी से छूट मांगी कि उन्हें जम्मू-कश्मीर में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना है और छुटि्टयों के इस मौसम में ट्रेन या विमान का टिकट नहीं मिल पाने की स्थिति में 30 जून से पहले मुंबई नहीं लौट पाएंगे। कोर्ट ने उन्हें भी केवल गुस्र्वार की पेशी से छूट मंजूर करते हुए कहा कि ‘ट्रायल शुरू होने के समय से ही आरोपित (द्विवेदी) किसी न किसी आधार पर छूट मांगते रहे हैं।

ऐसा लगता है कि वह धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त होने के नाम पर गैरहाजिर रहना चाहते हैं। चूंकि वह ट्रायल का सामना कर रहे हैं, इसलिए कोर्ट में हाजिर होना उनका दायित्व है।” जज ने कहा- ‘यह देखना कोर्ट का काम नहीं है कि आरोपित को टिकट मिल रहा है या नहीं। अर्जी में दिए गए तर्क तार्किक नहीं हैं और आरोपित को पेश होने की जरूरत है।”

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