कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती से घबराया पाकिस्तान, बनाई स्पेशल सेल

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नई दिल्ली । पुलवामा आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और 24 घंटों में घाटी में बदले हालात ने पाकिस्तान की धड़कनें तेज कर दी हैं। 100 अतिरिक्त पैरामिलिट्री कंपनियों के कश्मीर भेजे जाने की खबर जैसे ही पाकिस्तान पहुंची, वहां की सरकार में खलबली मच गई। शनिवार को कुछ घंटों के भीतर ही पाकिस्तान के विदेश विभाग ने दोनों देशों के बीच तेजी से बिगड़ते हालात पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल सेल गठित कर दी। आपको बता दें कि शनिवार को सीमा पर पाकिस्तान की गोलीबारी का भारतीय सुरक्षा बलों ने मुंहतोड़ जवाब भी दिया है।

पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने बताया कि ‘क्राइसिस मैनेजमेंट सेल’ बॉर्डर के हालात की पल-पल की जानकारी सभी संबंधित पक्षों और अपने कूटनीतिक संपर्कों को उपलब्ध कराएगी। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवक्ता ने बताया कि यह सेल हफ्ते के सातों दिन बिना किसी ब्रेक के काम करती रहेगी।

इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने नियंत्रण रेखा का दौरा किया था। उधर, पीओके के लोगों को पाकिस्तान ने पहले ही अलर्ट कर रखा है। दरअसल, पाकिस्तान को डर है कि उड़ी हमले के बाद 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक की तरह भारत अगले कुछ दिनों में कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।

इधर, भारत सरकार ने अलगाववादियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। कम से कम 150 लोगों को हिरासत में लिए जाने से घाटी में शनिवार को तनाव का माहौल बन गया। हिरासत में लिए गए लोगों में मुख्य रूप से जमात-ए-इस्लामी जम्मू ऐंड कश्मीर के चीफ अब्दुल हमीद फैयाज और JKLF चीफ यासिन मलिक शामिल हैं। हालांकि, पुलिस ने इसे नियमित प्रक्रिया करार देते हुए कहा है कि कुछ नेताओं और संभावित पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, कुछ अधिकारियों का कहना है कि जमात-ए-इस्लामी पर यह पहली बड़ी कार्रवाई है। यह संगठन पूर्व में हिज्बुल मुजाहिदीन की राजनीतिक शाखा के तौर पर काम करता था।

पाक मीडिया की रिपोर्टों में बड़े जोर-शोर से बताया जा रहा है कि पुलवामा हमले के बाद कश्मीर में बड़े पैमाने पर भारतीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने शनिवार को नेपाल समेत कई देशों के नेताओं से फोन पर चर्चा की है। आपको बता दें कि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।

भारत ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। एक दिन पहले ही पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने जैश के मुख्यालय को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि देखा यह जा रहा है कि वहां जैश के आतंकियों को सुरक्षा देने के लिए पाकिस्तान ने यह नया पैंतरा अपनाया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर हमला हुआ तो उनका देश जवाब देगा। हालात को भांपकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी कहा कि इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच काफी खतरनाक हालात हैं।

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