डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेश मिश्रा परीक्षाओं में करते हैं धांधली: ईसी मेंबर का आरोप

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जबलपुर।  रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग एक बार फिर विभाग के होनहार अधिकारियों के कारनामों की वजह से सुर्ख़ियों में है। परीक्षा जैसी गोपनीय प्रणाली को क्रियान्वित करने वाले इस विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगने से सनसनी फैल गई। राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा नामांकित कार्यपरिषद की नामांकित सदस्य एडवोकेट संगीता जोशी ने डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेश मिश्रा पर परीक्षाओं में धांधली करने के आरोप लगाए हैं।

रादुविवि के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विवि कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी द्वारा कुलसचिव पर लगाए गए आरोपों के बाद अब डिप्टी रजिस्ट्रार पर आरोप लगाए हैं। कुलपति के नाम लिखे गए इस पत्र में ईसी मेंबर ने डिप्टी कथित तौर पर रजिस्ट्रार दीपेश मिश्रा द्वारा की गई धांधलियों से जुडे प्रकरणों को आगामी कार्यपरिषद बैठक में रखने की बात कही है।

जानकारी के मुताबिक 16 मई को ईसी मेंबर अधिवक्ता संगीता जोशी ने रादुविवि कुलपति प्रोफेसर कपिल देव मिश्र को एक पत्र सौंपा, जिसके तीन बिंदुओं में सबसे पहले तीन साल से ज्यादा एक ही विभाग में जमे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले की बात कही गई है। पत्र में डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेश मिश्रा को तत्काल परीक्षा विभाग से हटाने की बात लिखते हुए कहा गया है कि मिश्रा पर परीक्षाओं में भारी धांधली करने के तथ्य सामने आए हैं। जिसे ईसी बैठक में रख कर चर्चा कराई जानी चाहिए। इसके अलावा ईसी मेंबर ने विवि में रेक्टर पद पर जल्द किसी योग्य उम्मीदवार की नियुक्ति की बात कही है।

कई साल परीक्षा विभाग जमाए हुए हैं कुंडली

डिप्टी रजिस्ट्रार बीते कई वर्षो से परीक्षा विभाग का काम देख रहे हैं। नियमानुसार तीन साल के बाद उनका प्रभार बदल जाना चाहिए था। कहा जा रहा है कि डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेश मिश्रा ने रादुविवि में पदस्थापना के बाद प्रशासनिक भवन में अपनी जड़ें मजबूत कर ली हैं । विवि में होने वाले हर प्रशासनिक निर्णय में उनका दखल रहता है। यहां तक कि जूनियर होने के बाद भी कुलसचिव जब भी प्रवास पर जाते हैं तो वे अपना प्रभार मिश्रा को देते हैं।

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