शिवसेना ने बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार को घेरा, कहा- सिर्फ शब्दों के खेल से नहीं होगा समाधान

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मुंबई: केंद्र की मोदी सरकार पर उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की पार्टी शिवसेना ने फिर एक बार हमला किया है. मोदी सरकार  पर  बेरोजगारी और आर्थिक मंदी को लेकर सोमवार को हमला करते हुए बीजेपी (BJP) की सहयोगी शिवसेना ने कहा कि महज शब्दों के खेल से किसी समस्या का समाधान नहीं होने वाला है. उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) नीत पार्टी ने कहा कि मोदी के पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में दस करोड़ नौकरियां सृजित करने के वादे में विफल रहने के लिए कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू या इंदिरा गांधी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है. शिवसेना का यह हमला शुक्रवार को आधिकारिक आंकड़े जारी होने के बाद आया है जिसमें भारत की आर्थिक वृद्धि दर जनवरी -मार्च 2018- 19 में पांच वर्षों में सबसे कम 5.8 फीसदी बताई गई.

इसमें बताया गया कि कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में खराब प्रदर्शन के कारण ऐसा हुआ. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने यह भी खुलासा किया कि वित्त वर्ष 2018- 19 के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 6.8 फीसदी रही जबकि उसके पूर्व वित्त वर्ष में यह 7.2 फीसदी थी. शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कहा कि महज ‘शब्दों के खेल या विज्ञापनों से बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे का समाधान नहीं होने वाला है. इससे पहले एक रिपोर्ट में कहा गया था कि बेरोजगारी दर 45 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार भी कर लिया गया था.

दरअसल, कुछ महीने पहले लीक हुई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि देश में बेरोजगारी दर 45 साल के ऊंचे स्तर पर है और सरकार ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था, मगर शुक्रवार को सरकार ने उसे स्वीकार कर लिया था. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में जुलाई 2017 से लेकर जून 2018 के दौरान एक साल में बेरोजगारी सचमुच 6.1 फीसदी बढ़ी. सरकार ने पहले लीक हुई आधिकारिक रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा था कि बेरोजगारी के आंकड़ों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है. केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण समष्टिगत आंकड़ों को रोकने के लिए विपक्षी दलों के आरोपों को झेलना पड़ा था.

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