जितनी बड़ी GDP नहीं, उससे ज्यादा हुआ पाकिस्तान का कर्ज!

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पाकिस्तान आर्थिक मसले पर पस्त नजर आ रहा है। पाक रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। बृहस्पतिवार को 152.25 रुपये प्रति डॉलर के ताजा सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुंच गया, जबकि खुले बाजार में मंगलवार को इसमें 153.50 के स्तर पर कारोबार हो रहा था।

मंगलवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन पाकिस्तानी मुद्रा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने मूल्य को गंवाया। इन चार दिनों में रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात प्रतिशत या 10 रुपये से अधिक गिरावट का सामना किया है।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा कि उसके विचार में विनिमय दर में हालिया उतार चढ़ाव अतीत के संचित असंतुलन तथा आपूर्ति एवं मांग पहलु की कुछ भूमिका को दर्शाता है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को जारी अपने नवीनतम मौद्रिक नीति बयान में कहा, “विनिमय दर … पिछले कुछ दिनों में दबाव में आई है।”

उन्होंने कहा, “बैंक स्थिति पर कड़ी निगरानी रखेगा और वह विदेशी मुद्रा बाजार में किसी भी तरह की अनियंत्रित अस्थिरता को दूर करने के लिए आवश्यकतानुसार उपाय करने के लिए तैयार है।”

बाजार की ताकतों को विनिमय दर का निर्धारण करने के लिए अधिक छूट देने की अनुमति सहित सख्त शर्तों के तहत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा छह अरब डॉलर के सहायता पैकेज दिये जाने के बाद रुपये में यह गिरावट आई है। सरकार ने 12 मई को ऋण कार्यक्रम पर हस्ताक्षर किए और तब से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट जारी है।

वित्तीय और बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में रुपये के मूल्य घटना उम्मीद के अनरूप है क्योंकि आईएमएफ की नवीनतम राहत पैकेज देने की प्राथमिक शर्त यह थी कि सरकार अंतर-बैंक बाजार को सरकारी नियंत्रण से मुक्त छोड़ दे।

विपक्षी दलों ने प्रधान मंत्री इमरान खान की अर्थव्यवस्था को संभालने के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले साल अगस्त में उनके पदभार संभालने के बाद से देश की वित्तीय समस्याएं बढ़ गई हैं।

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