अयोध्या विवाद : 1600 सोशल अकाउंट्स पर पैनी नजर, जरूरत पड़ी तो इंटरनेट बंद करेंगे: यूपी डीजीपी

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अयोध्या। राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 16 नवंबर तक आने की संभावना है। इसके मद्देनजर अयोध्या समेत उत्तरप्रदेश के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि प्रदेश में 1600 से ज्यादा सोशल अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। आशंका है कि इन अकाउंट्स से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट की जा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो प्रदेश में इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड की जाएगी।

रामजन्मभूमि जाने वाले सभी रास्तों पर दोपहिया वाहन बंद
उधर, पंचकोसी परिक्रमा खत्म होते ही अयोध्या में रामजन्मभूमि जाने वाले सभी रास्तों पर दोपहिया वाहनों को बंद कर दिया गया। श्रद्धालु अब यहां पैदल ही जा सकेंगे। इसके अलावा अयोध्या के नगर क्षेत्र में कार समेत अन्य चारपहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

हर जिले में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के साथ प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किए जाने की बात कही है। ये कंट्रोम रूम 24 घंटे काम करेंगे। गुरुवार रात समीक्षा बैठक करते हुए सीएम ने कहा कि, शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अयोध्या और लखनऊ जिले के लिए एक-एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।

प्रदेश में 10 हजार लोग पाबंद किए गए
डीजीपी ने कहा कि शांतिभंग की आशंका को देखते हुए प्रदेश में 10 हजार लोगों को पाबंद किया गया है। इसके साथ ही, 450 लोग जेल भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि फुट पेट्रोलिंग पर फोकस है। लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

12 जिलों में तैनात होगी पैरामिलिट्री की 40 कंपनियां
प्रदेश में वाराणसी, कानपुर, अलीगढ़, लखनऊ, आजमगढ़ जैसे 12 जिलों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। यहां कुल 40 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही, अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षाबलों की 100 कंपनियों की अतिरिक्त डिमांड की है।

जमीअत उलेमा ने शांति बनाए रखने की अपील की
मुसलमानों की संस्था जमीअत उलेमा ने सुप्रीम कोर्ट से फैसले के मद्देनजर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संगठन की तरफ से मस्जिदों को एक पत्र लिखा गया है, जो आज यानि जुमे की नमाज के बाद पढ़ा जाएगा। पत्र में लिखा है कि, सब अमन बनाए रखें, यही बेहतर है। फैसला अगर पक्ष में आए तो कोई आतिशबाजी करके खुशी न मनाए। खिलाफ आए तो मायूस न हों, इसका सम्मान करें।

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