MP Political Drama: बीजेपी नेताओं ने की राज्यपाल से मुलाकात, फ्लोर टेस्ट की मांग

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भोपाल। बीजेपी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्यपाल लाल जी टंडन से मुलाकात की और आगामी विधानसभा सत्र में सबसे पहले फ्लोर टेस्ट करवाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार पूरी तरह विश्वास मत खो चुकी है इसलिए इसे बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, मुख्य सचेतक डॉ नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह शामिल थे। इन सभी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर कहा कि विधानसभा के 22 सदस्यों ने अपनी सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।इन सभी 22 विधायकों ने राष्ट्रीय मीडिया में आकर भी इस तथ्य की पुष्टि की है। यह बात आज सार्वजनिक रूप से स्पष्ट हो चुकी है कि कमलनाथ के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस सरकार ने विधानसभा का विश्वास खो दिया है तथा अब उनके लिए राज्य में संवैधानिक तरीके से सरकार चलाना संभव नहीं है।

विधानसभा सत्र 16 मार्च को
मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च से बुलाया है. इसको देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह वर्तमान सरकार का संवैधानिक और प्राथमिक कर्तव्य है कि वह सत्र में सबसे पहले अन्य कोई भी विषय न लेते हुए अपना बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट करवाए। इसके अतिरिक्त विधानसभा में अन्य किसी भी विषय पर कार्रवाई करना या वर्तमान सरकार का बने रहना असंवैधानिक एवं अलोकतांत्रिक होगा। उन्होंने कहा कि यह बात सार्वजनिक है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से 22 विधायकों के साथ ही अन्य विधायकों को भी लोभ देने की कोशिश की जा रही है।

तुरंत सिद्ध करें विश्वास मत

राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि वे तुरंत मध्यप्रदेश में अल्पमत में चल रही कमलनाथ सरकार को विश्वास मत सिद्ध करने का आदेश दें। इसके लिए निर्धारित की गई तिथि 16 मार्च से पहले ही विधानसभा का सत्र बुलाया जाए। जिसमें केवल विश्वास मत साबित करने के अतिरिक्त और कोई भी विषय न लिया जाए।

बटन दबाकर हो मतदान
ज्ञापन में यह अनुरोध भी किया गया कि विश्वास मत पर मतदान ध्वनि मत से न होकर डिवीजन एवं बटन दबाकर किया जाए और सदन की कार्यवाही की विडियोग्राफी भी हो।

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