मध्यप्रदेश : मंत्रियों-विधायकों को देना होगा अपनी ‘कमाई’ का ब्यौरा, सरकार भरवाएगी संकल्प पत्र

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भोपाल। कमलनाथ सरकार (Kamalnath government) में अब मंत्रियों और विधायकों (ministers & mla) को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना होगा. उन्हें अब अपनी कमाई और संपत्ति का पूरा लेखा-जोखा जनता के सामने रखना होगा. विधानसभा चुनाव (assembly election) में अपने वचन के मुताबिक सरकार सबसे संकल्प पत्र भरवाएगी.

विधानसभा चुनाव का वचनकमलनाथ सरकार अब अपना एक और वचन निभाने जा रही है. उसने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था कि मंत्रियों-विधायकों की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाएगा. अपने वादे के मुताबिक अब सरकार संकल्प पत्र लाने की तैयारी कर रही है. इसके ज़रिए विधायकों को अपनी सारी संपत्ति की लेखा जोखा देना होगा.

कमलनाथ सरकार अब अपना एक और वचन निभाने जा रही है. उसने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था कि मंत्रियों-विधायकों की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाएगा. अपने वादे के मुताबिक अब सरकार संकल्प पत्र लाने की तैयारी कर रही है. इसके ज़रिए विधायकों को अपनी सारी संपत्ति की लेखा जोखा देना होगा.

शीतकालीन सत्र में आ सकता है मसौदा

कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कहा था कि जनप्रतिनिधियों को साल में एक बार अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा. सरकार के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग संकल्प पत्र का मसौदा तैयार कर रहा है,ताकि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान काम पूरा हो जाए. संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होगा या अपनी इच्छा के अनुसार होगा,इसका फैसला मुख्यमंत्री कमलनाथ करेंगे.

शिवराज ने की थी पहल

इससे पहले शिवराज सरकार ने 2010 में विधायकों और मंत्रियों के लिए संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने की पहल की थी. लेकिन सिर्फ तीन साल ही मंत्रियों-विधायकों ने अपनी कमाई सार्वजनिक की उसके बाद सब ठप्प पड़ गया.

फैसले का स्वागत

राजकमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी का कहना है ये अच्छी पहल है. जब हमने नई सरकार बनाई थी तभी सीएम कमलनाथ ने यह निर्देश दे दिया था कि आप सभी को संपत्ति की जानकारी देना होगी. इसलिए अब ये हमारा दायित्व और कर्तव्य है.मुख्यमंत्री कमनलाथ का फैसला है कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पद पर बैठे नेताओं का चरित्र,कार्यशाली पारदर्शी होनी चाहिए.

बीजेपी विधायक की मांग

भाजपा विधायक विश्वास सारंग का कहना है, राजनीति में पारदर्शिता औऱ शुचिता का हम स्वागत करते हैं.हम सब इसका पालन करेंगें. लेकिन ये शिवराज सरकार में भी होता आया है. इसमें कोई नयी बात नहीं है. सारंग ने मांग की कि 11महीने में किस मंत्री और विधायक ने तबादलों से कितना कमाया, ये जानकारी भी सार्वजनिक की जाए. एमपी में पैरलल अर्थव्यव्सथा खड़ी क्यों की. मुख्यमंत्री निवास से जुड़े लोगों के यहां छापे पड़े तो बेनामी संपत्ति कहां से आई.


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