नरेन्द्र सिंह तोमर, थावरचंद गहलोत और प्रह्लाद पटेल को PMO से आया फोन

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नई दिल्ली। पीएमओ से मध्य प्रदेश के भी नवनिर्वाचित सांसदों को फोन आ गया है. एमपी के नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और थावरचंद गहलोत के पास पीएमओ से फोन आ गया है. अब इन तीनों का मंत्री बनना तय माना जा रहा है. तोमर और गहलोत नरेन्द्र मोदी सरकार पार्ट-1 में भी मंत्री थे. प्रह्लाद पटेल वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं.

आज सुबह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी की बैठक हुई. ये बैठक अमित शाह के आवास 11 अकबर रोड पर करीब डेढ़ घंटे चली. मंत्रिमंडल गठन और मंत्रियों के नामों पर चर्चा हुई. बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री भपेंद्र यादव और संगठन महामंत्री रामलाल भी मौजूद थे.

जानिए कौन हैं नरेन्द्र सिंह तोमर

नरेंद्र सिंह तोमर ऐसा नाम मध्य प्रदेश से लेकर देश की राजनीति में भी वज़न रखता है. छात्र राजनीति से सफर शुरू करने वाले तोमर मोदी कैबिनेट में महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री पद तक पहुंचे. वो मोदी के 5 सबसे खास मंत्रियों में माने जाते हैं.

मुरैना ही जन्मभूमि और मुरैना ही कर्मभूमि- नरेन्द्र सिंह तोमर इस बार मुरैना से सांसद चुने गए हैं. मुरैना उनकी जन्मभूमि भी है. उनका जन्म मुरैना जिले के ओरेठी गांव में 12 जून 1957 को हुआ था. तोमर के पिता मुंशी सिंह तोमर इलाके के मशहूर किसान थे. यहां प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार लेने के बाद वो कॉलेज की पढ़ाई करने ग्वालियर चले गए. ग्वालियर में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. उसी दौरान राजनीति में उनका रुझान बढ़ा और जल्द ही वो कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष चुन लिए गए. पढ़ाई पूरी हुई तो ग्वालियर नगर निगम के पार्षद पद के लिए चुनाव लड़े और जीत भी गए.

छात्र जीवन– तोमर 1977 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बनाए गए. उसके बाद उनका सफर जारी रहा और वो मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद तक पहुंचे. नरेन्द्र सिंह तोमर पहली बार 1998 में ग्वालियर से विधायक चुने गए. 2003 में वो दूसरी बार उस वक्त विधानसभा चुनाव जीते जब प्रदेश में उमा भारती के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में आयी. वो उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चैहान मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे.

संगठन में ज़िम्मेदारी– 2008 में पार्टी ने उन्हें संगठन की ज़िम्मेदारी सौंपी और वो भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए. 15 जनवरी 2009 में तोमर निॢर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए और उसके बाद वो बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में महामंत्री बनाए गए. 16 दिसम्बर 2012 को तोमर की घर वापसी हुई वो फिर प्रदेश की ओर लौटे और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए.

नरेन्द्र सिंह तोमर का राजनीतिक ग्राफ लगातार ऊंचाई और आगे की ओर बढ़ता चला गया. 2014 में जब बीजेपी ज़ोरदार तरीके से चुनाव जीतकर केंद्र की सत्ता में लौटी तो उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह दी गयी.  तोमर उस वक्त ग्वालियर से सांसद चुने गए थे इस्पात और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय देकर उनके वजन का अहसास करा दिया गया. नरेन्द्र सिंह तोमर मोदी के ख़ास 5 मंत्रियों में गिने जाते हैं.इस बार वो ग्वालियर छोड़कर मुरैना से चुनाव लड़े औऱ जीतकर संसद पहुंचे.

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