मध्यप्रदेश : तंबाकू के कारण इस राज्य में होती हैं सबसे ज्यादा मौतें, नतीजे कर देंगे हैरान

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भोपाल। हमारे सामने किसी व्यक्ति की किसी दुर्घटना में जान चली जाती है, तो हम सकते में आ जाते हैं। प्रदेश स्तर पर इसका आंकलन करें तो दुर्घटनावश जान गंवाने वालों की गिनती काफी ज्यादा है। लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी कि, किसी दुर्घटना के कारण मरने वालों से कई गुना बड़ा आंकड़ा तंबाकू के कारण मरने वालों का है। बता दें कि, प्रदेश के स्वास्थ विभाग कुछ दिनो पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में रोज़ाना करीब 250 लोग तंबाकू की वजह से जान गंवा देते हैं। यानी सालाना मध्य प्रदेश में औसतन 90 हजार से ज्यादा लोग तंबाकू सेवन करने की वजह से दम तोड़ देते हैं। तम्बाकू की इस व्यापक त्रासदी के चलते वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने साल 2017 में वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम ‘विकास में बाधक तंबाकू’ रखा था।

तंबाकू के आदी को हर 6 सेकंड में मौत लगाती है गले

वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण गेट्स द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश की साढ़े सात करोड़ लोगों की आबादी में से करीब दो करोड़ से ज्यादा लोग किसी ना किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। इनमें से करीब 90 हजार लोगों की मौत सिर्फ तंबाकू कार हो जाती है। भारत में 48 फीसदी पुरुष और 20 फीसदी महिलाएं किसी न किसी रुप में तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, देश स्तर पर जानें तो यहां रोज़ाना लगभग 3800 से ज्यादा लोग तम्बाकू सेवन के कारण जान गंवा देते हैं। वहीं, दुनियाभर में हर 6 सेकंड में एक व्यक्ति तंबाकू के कारण मौत को गले लगा लेता है।

किशोरो की मौत का बड़ा कारण तंबाकू

हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संजीव गुप्ता के मुताबिक, धूम्रपान और तंबाकू का चलन अब नौजवानों और बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि किशोरावस्था और महिलाओं में भी अब इसका चलन काफी तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। आजकल कम उम्र में मरने वाले लड़के-लड़कियों की मौत का बड़ा कारण तंबाकू माना गया है। संबंध हेल्थ फाउंडेशन के संजय सेठ का कहना है कि सरकार को सभी प्रदेशों में कोटपा एक्ट सख्ती से लागू करना चाहिए, ताकि युवाओं को बच्चों को इससे दूर किया जा सके। साथ ही जेजे एक्ट पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि कोई वेंडर नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद आसानी से न बेच पाए।

रोजाना हजारों लोगों को लगती है तंबाकू की लत

देशभर की बात करें तो पूरे भारत में औसतन 5500 बच्चे हर दिन तम्बाकू उत्पादों के सेवन करते हुए मर जाते हैं। पुरुषों में 50 प्रतिशत और स्त्रियों में 25 प्रतिशत कैंसर की वजह तंबाकू है। इनमें से 90 प्रतिश्त में मुंह का कैंसर हैं। धुआं रहित तम्बाकू में 3000 से अधिक रसायनिक यौगिक हैं। इनमें से 29 रसायन कैंसर पैदा करने में सक्षम होते हैं। मुंह के कैंसर से ग्रस्त लोग पूरे विश्व में भारत में सबसे ज्यादा है।

लड़कियां भी हो रही हैं धुम्रपान का शिकार

WTO द्वारा कुछ दिनों पहले जारी रिपोर्ट देश की लड़कियों को लेकर भी चौंकाने वाले आंकड़े पैश किये। रिपोर्ट के मुताबिक, देश की लगभग 20 फीसदी लड़कियां और महिलाएं सिगरेट एवं अन्य धूम्र उत्पादों का शौक रखती हैं। इनमें देश के साथ-साथ प्रदेश की शहरी व ग्रामीण महिलाएं भी इसमें शामिल है। देश की दस फीसदी लड़कियों ने स्वंय सिगरेट पीने की बात को स्वीकारा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपेार्ट ग्लोबल टोबेको एपिडेमिक के अनुसार, महिलाओं के बीच तंबाकू का सेवन काफी तेज़ी से बढ़ रहा है। इनमें युवा पीड़ी के आंकड़े काफी हैरान कर देने वाले हैं।

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