छत्तीसगढ़ : CM भूपेश बने सरकारी स्कूल के बच्चों के टीचर, लट्टू चलाकर सुनाई भंवरे की कहानी, क्लास में पढ़ाया भाषा का पाठ

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भिलाई। विद्यार्थियों की गुणवत्ता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की पहल ‘नींव और भाषा पिटारा कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh baghel) ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर में किया। प्राथमिक स्कूल के बच्चों से मुखातिब होते हुए सीएम ने उनसे ढेर सारी बातें की। साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल भंवरा(लट्टू) चलाना भी बच्चों की सिखाया। सीएम ने बच्चों को नैतिकता और स्कूली पाठ्यक्रम का पाठ भी पढ़ाया। साथ ही उन्हें भंवरे की कहानी भी सुनाई। बच्चों के बीच में बच्चा बनकर सीएम ने अपनी बचपन की यादों को भी ताजा किया। सीएम के बचपन की कहानी सुनकर वहां मौजूद मंत्री, विधायक, नेता और अधिकारी भी बच्चों के साथ हंस पड़े।

ये है भाषा पिटारा
भाषा एवं साक्षरता संबंधित चुनौतियों के समाधान और गुणवत्तापरक विकास हेतु एलएलएफ द्वारा ‘भाषा पिटारा तैयार किया गया है। इस संग्रह में प्रारंभिक भाषा शिक्षण से जुड़े कुल 10 मुख्य विषयों (मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरुकता, उभरती साक्षरता, शब्द भंडार, डिकोडिंग, पठन और उसकी रणनीतियां, पढ़ कर समझना, लेखन सीखना और अकादमिक सहयोग) पर 48 हैण्ड आउट और 4 गतिविधि संग्रह (मौखिक भाषा विकास की गतिविधियां, ध्वनि जागरुकता की गतिविधियां, शब्द भंडार के विकास की गतिविधियां, डिकोडिंग सिखाने की गतिविधियां) हैं।

CM भूपेश बने सरकारी स्कूल के बच्चों के टीचर, लट्टू चलाकर सुनाई भंवरे की कहानी, क्लास में पढ़ाया भाषा का पाठ, Video

नींव, अधिगम संवर्धन कार्यक्रम
यह कार्यक्रम राजीव गांधी शिक्षा मिशन एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् रायपुर द्वारा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के साथ मिलकर दुर्ग जिले के दो ब्लॉक (पाटन और दुर्ग) के 200 स्कूलों में शुरू किया है, जिससे इस वर्ष के अंत तक 4 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। यह कार्यक्रम वर्ष 2021 तक दुर्ग जिले के लगभग सभी स्कूलों में संचालित किया जाना है। जिससे लगभग 20 हजार बच्चों को लाभ मिलेेगा। कार्यक्रम से बच्चों के हिंदी भाषा विकास और साक्षरता कौशल में विशेष सुधार होगा। कक्षा 2 के अंत तक बच्चे उभरते हुए ऐसे पाठक के तौर पर आएंगे जो अपने स्तर के पाठ प्रवाहपूर्वक पढ़ सकेंगे और अपने अनुभव के आधार पर उससे अर्थ निर्माण कर पाएंगे। साथ ही अपने अनुभव, विचार, कल्पना, और भाव को वाक्यों में लिखने में सक्षम होंगे।

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