मध्यप्रदेश कांग्रेस में चल रही कलह के बीच कमलनाथ ने की सोनिया गांधी से मुलाकात, मामला अनुशासन समिति को भेजा गया

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 नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से शनिवार को दिल्ली में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुलाकात की. इस दौरान सोनिया ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं के बीच जारी कलह को लेकर चिंता जताई. कमलनाथ शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचे और शाम को वह सोनिया के आवास गए,. बैठक लगभग एक घंटे तक चली. कमलनाथ ने मीडिया से कहा, ‘मैंने सोनिया गांधी से मुलाकात की और उन्होंने मध्यप्रदेश में पार्टी में अनुशासनहीनता पर चिंता जाहिर की.’

यह बयान ऐसे समय दिया गया है, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुट और अन्य में लड़ाई अपने चरम पर है. सिंधिया के कई समर्थकों ने कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर खुलेआम नाराजगी जाहिर की है. बीते 10 दिनों में यह सोनिया गांधी की कमलनाथ से दूसरी मुलाकात थी. 30 अगस्त को, यूपीए अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान कमलनाथ ने कहा था कि पार्टी को लोकसभा चुनाव के बाद राज्य इकाई के एक नए अध्यक्ष की जरूरत है. सिंधिया से किसी भी तरह के मतभेदों से इनकार करते हुए उन्होंने कहा था, ‘यह कहना गलत है कि सिंधिया नाराज हैं.’

पार्टी नेताओं के अनुसार, सोनिया गांधी राज्य के नए पार्टी प्रमुख को लेकर कांग्रेस नेताओं से फीडबैक ले रहीं हैं और 10-15 दिनों के अंदर इसपर निर्णय ले लिया जाएगा. कई नेता मीडिया के जरिए सिंधिया को राज्य का पार्टी प्रमुख बनाने की मांग कर रहे हैं. सोनिया गांधी ने शुक्रवार को 10 दिनों के अंदर राज्य प्रभारी दीपक बाबरिया से रिपोर्ट मांगी है. कयासों के मुताबिक दिग्विजय सिंह राज्य पार्टी प्रमुख के रूप में सिंधिया के चुने जाने का विरोध कर सकते हैं.

वहीं पीटीआई के मुताबिक मुलाकात के बाद कमलनाथ ने बताया कि दिग्विजय सिंह और वन मंत्री उमंग सिंघार के बीच चल रहे विवाद का विषय एके एंटनी की अध्यक्षता वाली अनुशासन समिति को भेजा गया है.

उधर, कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने शुक्रवार शाम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. सोनिया से मुलाकात के बाद बाबरिया ने पीटीआई से कहा था कि राज्य में पार्टी से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और पार्टी की स्थिति को लेकर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट दी है. उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बाबरिया ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का सम्मान होना चाहिए.

बता दें, सिंघार ने हाल ही में दिग्विजय पर ब्लैकमेलर, ट्रांसफर-पोस्टिंग करवाने और रेत खनन जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. साथ ही उन्होंने कहा था कि दिग्विजय सिंह मिलने आएंगे तो वह उन्हें कड़वी चाय पिलाएंगे. इसके बाद दिग्विजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस के नेता अनुशासन में रहें. भाजपा को कोई मौका न दें. सिंघार की कड़वी चाय पिलाने के जवाब में दिग्विजय ने सिर्फ इतना ही कहा कि ‘मुझे डायबिटीज नहीं है और मैं मीठी चाय पीता हूं.’

 

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