मध्यप्रदेश : सरदार सरोवर बांध को भरने की शर्त तोड़ रहा गुजरात, कमलनाथ ने की शिकायत

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भोपाल। नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) को भरने के समय की शर्तों के उल्लंघन को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Jal Shakti Minister Gajendra Singh Shekhawat) को लिखे पत्र में कमलनाथ ने कहा है कि इस बांध को भरे जाने के समय की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है. नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा तय किए गए समय के उल्लंघन पर कमनलाथ ने गुजरात सरकार पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने पत्र में केंद्र सरकार से इस संबंध में जल्द से जल्द बैठक बुलाने की मांग की है.

ऐसे हुआ शर्त का उल्लंघन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पत्र में कहा है कि नर्मदा प्राधिकरण द्वारा तय की गई समय-सीमा से पहले ही बांध में पानी का स्तर बढ़ गया है. कमलनाथ (Kamalnath) ने पत्र में लिखा है, ‘नर्मदा प्राधिकरण की योजना के मुताबिक 31 अगस्त 2019 तक सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) का जलस्तर 134 मीटर होना चाहिए था. सितंबर के पूरे महीने में बांध का जलस्तर बढ़कर 135 मीटर होना है. वहीं 15 अक्टूबर 2019 तक बांध को 138.68 मीटर तक भरा जाना है.’ कमलनाथ ने गुजरात सरकार पर शर्त उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा है, ‘4 सितंबर 2019 की दोपहर तक इस बांध का जलस्तर 135.47 मीटर तक पहुंच चुका था.’

कमलनाथ ने जल शक्ति मंत्री को लिखे पत्र में बांध की सुरक्षा के साथ-साथ मध्य प्रदेश के हित के सवाल को भी उठाया है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, ‘नर्मदा प्राधिकरण द्वारा इसी साल मई में तय की गई शर्तों के मुताबिक बांध(Sardar Sarovar Dam)  को भरे जाने की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया जाना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह भी स्पष्ट नहीं है कि बांध की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है या नहीं.’ इस मामले पर जल्द से जल्द बैठक बुलाने की मांग करते हुए कमलनाथ ने लिखा है, ‘बांध को समय पूर्व भरे जाने का प्रभाव सीधे तौर पर मध्य प्रदेश की जनता पर पड़ेगा. क्योंकि अभी बांध के मध्य प्रदेश वाले हिस्से में राहत एवं पुनर्वास का काम चल रहा है. ऐसे में अगर बांध का जलस्तर समय से पहले बढ़ेगा तो इसका असर राहत कार्यों पर पड़ेगा.’ एमपी के मुख्यमंत्री ने इस मामले में गुजरात सरकार को निर्देश देने का आग्रह करते हुए कहा है कि नर्मदा प्राधिकरण द्वारा तय की गई समय-सीमा का पालन किया जाना जरूरी है.

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