इंदौर यूनिवर्सिटी को अगले माह वर्ल्ड बैंक देगा 40 करोड़ रुपये, 11 हजार छात्रों को होगा लाभ

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इंदौर। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को वर्ल्ड बैंक की तरफ से अगले माह तक 40 करोड़ रुपए की ग्रांट मिलने का रास्ता साफ हो गया है। संभवत: सितंबर के पहले सप्ताह में यह यूनिवर्सिटी को मिल जाएगी। इसके जरिए आठ प्रमुख विभागों में रिसर्च के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। साथ ही सभी विभागों में रिसर्च लैब का भी आधुनिकीकरण होगा। इसके अलावा यूनिवर्सिटी प्रबंधन एक बड़ा हिस्सा आठ विभागों को मॉडल बनाने में भी खर्च करेगा। सारी सुविधाओं का फायदा यूटीडी के 11 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा। हांलाकि यह ग्रांट तीन महीने पहले मिल जाना थी, लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण राशि अटकी रही।

65 करोड़ मिलना थे पहले, फिर 40 पर बनी सहमति

यूनिवर्सिटी को आठ विभागों में आधुनिक रिसर्च फैसिलिटी के लिए 65 करोड़ रुपए मिलना थे। प्रदेश सरकार के सहयोग से वर्ल्ड बैंक ने इसे मंजूर भी कर लिया था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन के लिए तय समय सीमा में यह राशि खर्च करना आसान नहीं था। यही वजह है कि चार से पांच बार की बैठकों के बाद राशि घटाकर 40 करोड़ कर दी गई। उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा- ग्रांट संबंधी हमने सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है।

नैक की ग्रेडिंग में भी फायदा होगा

ग्रांट से रिसर्च, लाइब्रेरी व क्वालिटी एजुकेशन के लिए जो काम होंगे, उसका फायदा यूनिवर्सिटी को नैक की ग्रेडिंग में होगा। दो माह में नैक का दौरा होगा। इससे पहले राशि मिलेगी तो यूनिवर्सिटी, टीम के समक्ष भविष्य में होने वाले इन कार्यों को रख सकेगी। नैक को एसएसआर रिपोर्ट भेजी गई है। उसमें ग्रांट मिलने का जिक्र है, लेकिन ग्रांट जारी होने के बाद इसके पूरे अंक मिल सकेंगे।

ये विभाग बनेंगे हाईटेक

यूनिवर्सिटी, डेटा साइंस, ईएमआरसी, आईएमएस, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस, स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, साइंस भवन सहित आठ विभागों का हाईटेक बनाएंगे। साथ ही 25 विभागों में भी रिसर्च सुविधाएं यूनिवर्सिटी बढ़ाएगी।

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