इ-टेंडरिंग घोटाला : पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के निज सचिव के कई ठिकानों पर रीवा में छापेमारी

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रीवा। इ-टेंडरिंग घोटाले में रीवा का भी कनेक्शन जुड़ गया है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सहायक रहे वीरेन्द्र पाण्डेय के रिश्तेदारों के घर इओडब्ल्यू भोपाल ने छापामारी की है। घोटाले से जुड़े कोई प्रमुख दस्तावेज तो नहीं मिले लेकिन अन्य कई ऐसे संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिनसे इस घोटाले की तह तक पहुंचा जा सकेगा।

भोपाल से इओडब्ल्यू की टीम रीवा पहुंची और इ-टेंडरिंग घोटाले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल के लिए मंत्री के सहायक वीरेन्द्र के रिश्तेदार अशोक द्विवेदी के संजय नगर स्थित आवास में छापामारी की। अशोक शहर के बड़े सर्राफा कारोबार से जुड़े हुए हैं। इनके घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ लेकर इओडब्ल्यू की टीम गई है। पूर्व की सरकार में नरोत्तम मिश्रा रीवा के प्रभारी मंत्री थे, उनके पास अशोक का भी आना-जाना होता था। इसलिए जांच दल इस बात की आशंका जता रहा था कि इ-टेंडरिंग में फिक्सिंग को लेकर रीवा में दस्तावेज मिलेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि आरोपी बनाए गए पाण्डेय ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर घोटाले से जुड़ी रकम को प्रापर्टी खरीदने में लगाया है।

दस्तावेज क्या मिले, इस पर इओडब्ल्यू ने अभी कुछ भी कहने से इंकार किया है। जिस मकान पर छापामार कार्रवाई हुई है, उसमें करोड़ों रुपए खर्च किए जाने की संभावना है। हालांकि जिनके यहां छापा पड़ा है, उन्होंने जांच दल से कहा है कि इ-टेंडरिंग घोटाले से उनका कोई जुड़ाव नहीं है। यह प्रापर्टी उनकी अपने व्यवसाय से कमाई हुई है। बता दें कि भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा के निज सचिव रहे वीरेन्द्र पाण्डेय सेमरिया तहसील के भोलगढ़ गांव निवासी हैं। गांव के आसपास प्रापर्टी खरीदे जाने की जानकारी जांच एजेंसी को हुई है।

– दोही गांव में भी पहुंची टीम
शहर के नजदीक दोही गांव में भी इओडब्ल्यू की टीम ने दबिश दी। यहां पर आरोपी वीरेन्द्र पाण्डेय के रिश्तेदार दिनेश त्रिपाठी के मकान पर पहुंचकर पूछताछ की गई। यहां से भी कुछ दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिन रिश्तेदारों के यहां इओडब्ल्यू ने छापामारी की है, उनके साथ आरोपी के फोन पर कई बार बात करने की जानकारी मिली है। इस गांव में दो मकानों में जांच दल ने पूछतांछ की है। जब तक गांव में इस बात की भनक लगी कि जांच टीम आई है। गांव के लोग जुटने लगे, तभी टीम वहां से कार्रवाई कर वापस लौट गई।

– रजिस्ट्री आफिस में प्रापर्टी खरीदी के दस्तावेज मिले
आरोपी के स्वयं और परिवार से जुड़े लोगों की प्रापर्टी की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में भी टीम पहुंची। जहां पर तीन फाइलों के कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गए हैं। बताया जा रहा है कि इओडब्ल्यू को कुछ जानकारियां मिली थी, उसके आधार पर कुछ प्रापर्टियों के नाम विभाग को दिए गए हैं और उनके दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा है। वीरेन्द्र की पत्नी अनीता के नाम पर बड़ी मात्रा में कृषि भूमि खरीदी गई थी, साथ ही रीवा शहर में प्लाट भी खरीदे गए हैं। इन प्लाटों के दस्तावेज मांगे गए हैं। गुरुवार को टीम जाने के बाद भी उक्त दस्तावेजों की तलाश देर शाम तक चलती रही।

इ-टेंडरिंग मामले की जांच भोपाल इकाई कर रही है, वहीं से टीम आई थी। कुछ जगहों पर जांच की है। इस जांच में क्या मिला, हमारी जानकारी में नहीं है।
राजेश दंडोतिया, एसपी इओडब्ल्यू रीवा

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