छत्तीसगढ़ के छह छात्र यूएसए और यूके में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर करेंगे शोध

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रायपुर। अंतरराष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआइटी) के छह छात्रों का यूके, यूएसए और फ्रांस में शोध के लिए चयन हुआ है। सभी छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर शोध करेंगे। गौरतलब है कि ट्रिपलआइटी में इस सत्र से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पूर्ण पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है।

संस्थान के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने बताया कि पूर्व में कम्प्यूटर साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच में आर्टिफिशियल के कुछ विषयों को पढ़ाया जाता था। इसी का नतीजा है कि संस्थान के छह छात्रों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में चयन हुआ है। सिद्धार्थ दास कार्नल यूनिवर्सिटी यूएस, प्रशांत डिल्लन पेरिस, अभिषेक शर्मा पेरिस, शशांक कोटयान जापान, सुमित कुमार जटवार यूके और आशीष उपाध्याय यूके में शोध करेंगे।

ये है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

इंसानों में जो प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं उसी तरह की टेक्नोलॉजी का विकास करना, ताकि भविष्य में आने वाली आपदा और अन्य चीजों को रोकने में सक्षम हों, ऐसा सिस्टम विकसित करना जो आर्टिफिशियल तरीके से सोचने, समझने और सीखने की क्षमता रखता हो और व्यवहार करने, प्रतिक्रिया देने में मानव से भी बेहतर हो, उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक माना जाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार-

अभिषेक कोटयान नैरो इंटेलिजेंस पर करेंगे काम

वीक एआइ को आर्टिफिशियल नैरो इंटेलिजेंस भी कहा जाता है। ये किसी एक स्पेसिफिक डिवाइस में ही अच्छा काम कर सकता है। जैसे- अगर आपका कंप्यूटर चेस गेम खेलता है तो वो चेस गेम खेलने में ही एक्सपर्ट रहेगा और बाकी कोई भी काम नहीं कर सकेगा। इस तरह के डिवाइस पर अभिषेक का चयन किया गया है।

इंसान की तरह सोचने वाली मशीन पर करेंगे शोध

सिद्घार्थ दास कार्नल, प्रशांत डिल्लन, अभिषेक शर्मा, सुमित कुमार जटवार और आशीष उपाध्याय यूके में इंसान की तरह सोचने वाली मशीन पर काम करेंगे। जो काम इंसान आसानी से कर सकते हैं, वही सब काम रोबोट और मशीन भी आराम से कर पाएं इस पर शोध करेंगे।

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