मध्यप्रदेश : भोपाल कोच फैक्टरी में तैयार होंगी विशेष प्राइवेट टूरिज्म ट्रेन के बोगी

Spread the love

भोपाल. देश में पर्यटन स्थलों के लिए जल्द ही दो प्राइवेट ट्रेन चलाए जाने की तैयारी की जा रही है। यह ट्रेन आईआरसीटीसी विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार करवाएगा। सब कुछ ठीक चला तो इसे भोपाल की निशातपुरा कोच फैक्टरी में ही तैयार किया जाएगा। इसके लिए निशातपुरा कोच फैक्टरी ने आईआरसीटीसी को उनकी जरूरत के मुताबिक एक रिपोर्ट भी बनाकर दे दी है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे मंजूरी मिल जाएगी।

देश में पर्यटन को बढ़ावा देने आईआरसीटीसी लगातार यात्रियों के लिए ट्रेनें उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है, ताकि लोगों को आसानी से पर्यटन स्थलों तक पहुंचाया जा सके। इसी क्रम में आईआरसीटीसी ने सिर्फ टूरिज्म के लिए ही दो प्राइवेट ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ट्रेन में एसी थर्ड श्रेणी के कोच होंगे। हालांकि इनमें तीन की जगह 2 ही बर्थ होंगी। इससे यात्रियों को यात्रा में ज्यादा सुविधा रहेगी। लगेज के लिए अगल से कोच होगा।

इसी तरह की अन्य सुविधाओं के साथ ट्रेन तैयार करने का प्रस्ताव निशातपुरा कोच फैक्ट्री ने आईआरसीटीसी को दिया है, जिसमें आईआरसीटीसी ने कुछ तकनीकी बदलाव की जरूरत बताई है। इस पर निशातपुरा कोच फैक्टरी ने दूसरी रिपोर्ट भी आईआरसीटीसी को भेज दी है। प्रबंधन को उम्मीद है कि जल्द ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।

ट्रेन के सारे कोच थर्ड एसी के होंगे, जिनमें तीन की जगह 2 बर्थ होंगी
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं- ट्रेन में आम यात्रियों को टिकट नहीं मिलेगा। सीट और अन्य सुविधाएं लंबी यात्रा में होने वाली परेशानियों को देखते हुए तैयार की जाएंगी। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों काे ध्यान में रखकर इसे तैयार किया जाएगा। ट्रेन में पर्यटन स्थल की जानकारी वाली सामाग्री भी देने की योजना है।

अभी यह है स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था
आईआरसीटीसी पर्यटन के लिए समय-समय पर स्पेशल ट्रेन चलाता है, जो पुरानी ट्रेनों की तरह होती हैं। ज्यादातर ट्रेन नॉन एसी होती हैं। इसके अलावा कुछ ट्रेन में पर्यटन का कोटा रहता है। ऐसे में यात्रियों को स्पेशल ट्रेन चलने का इंतजार करना पड़ता है।

मंजूरी मिलते ही कोच का निर्माण शुरू कर देंगे

आईआरसीटीसी ने दो प्राइवेट ट्रेन तैयार करने की मंशा जाहिर की है। उनकी जरूरत के अनुसार प्रस्ताव बनाकर भेजा है। उनकी मंजूरी मिलते ही हम ट्रेन का निर्माण शुरू कर देंगे। यह सिर्फ पर्यटन के लिए ही चलाई जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *