कमलनाथ सरकार के फैसलों से मप्र में मंदी का असर नहीं : कांग्रेस

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भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा के घंटानाद आंदोलन का कांग्रेस ने जवाब दिया और जिला मुख्यालयों पर संवाददाता सम्मेलन बुलाकर केंद्र सरकार की तुलना नीरो से कर डाली। साथ ही देश में छाई मंदी का असर मुख्यमंत्री कमलनाथ की नीतियों के कारण राज्य पर नजर न आने का दावा किया।

कांग्रेस प्रवक्ताओं ने संवाददाताओं से बातचीत में बुधवार को कहा, देश इस समय भयानक मंदी के दौर से गुजर रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, रुपये की कीमत रसातल में पहुंच चुकी है, जीडीपी धराशायी हो चुकी है। मैन्युफैक्च रिंग, बैंकिंग, रियल स्टेट, ऑटोमोबाइल सेक्टर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, सार्वजनिक सेक्टर खस्ताहाल है और बढ़ती बेरोजगारी से देश में कोहराम मचा हुआ है। केंद्र सरकार की इन घोर विफलताओं के कारण देश की अर्थव्यवस्था के हालात बुरी स्थिति में पहुंच गए हैं।

कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा, इंदौर में मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे, छिंदवाड़ा में भूपेंद्र गुप्ता, ग्वालियर में प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा सहित जिला मुख्यालयों पर नेताओं ने संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित किया।

कांग्रेस प्रवक्ताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश में मंदी छाई हुई है, लेकिन मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के फैसलों, नीतियों के कारण उस मंदी का असर राज्य में नजर नहीं आ रहा है। भाजपा जब सत्ता से गई थी तब खजाना खाली था। इस खाली खजाने के बाद भी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए, अपने शपथ-ग्रहण के दो घंटे के भीतर ही किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर दस्तखत कर दिए और कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए वचनों को पूरा किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा आठ माह में कराए गए कार्यो का ब्यौरा दिया। उन्होंने किसान, बेरोजगार, सरकारी कर्मचारी, आदिवासियों सहित अन्य वर्गो के हित में लिए गए निर्णयों का जिक्र करते हुए विकास कार्यो और निवेश की दिशा में जारी प्रयासों का सिलसिलेवार लेखजोखा पेश किया।

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