योगी राज में हड़ताल की इजाजत नहीं! लागू किया गया ESMA, लगी 6 महीने की पाबंदी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के 20 लाख से अधिक राज्य कर्मचारी वर्तमान पेंशन योजना के रोलबैक की मांग करते हुए बुधवार से सात दिनों की हड़ताल पर जाने वाले हैं। शिक्षकों, इंजीनियरों, तहसीलदारों और परिवहन विभाग के सदस्यों के हड़ताल में भाग लेने की उम्मीद है। इससे पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू करते हुए सभी विभागों और निगमों में हड़ताल पर अगले छह महीने तक के लिए पाबंदी लगा दी है।

मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय ने सोमवार को इस सिलसिले में अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के मुताबिक राज्य के कार्यकलापों से संबंधित किसी भी लोकसेवा, राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी निगम या स्थानीय प्राधिकरण में हड़ताल पर एस्मा-1966 की धारा तीन की उपधारा एक के तहत अगले छह माह तक के लिए प्रतिबंध लागू कर दिया गया।

एस्मा के तहत डाक सेवाओं, रेलवे, हवाई अड्डों समेत विभिन्न आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल किए जाते हैं। एस्मा लागू होने के दौरान होने वाली हड़ताल को अवैध माना जाता है। इसके उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान है।

प्रदर्शनकारी पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग कर रहे हैं। आगामी आम चुनावों के मद्देनजर यूपी सरकार द्वारा एस्मा लागू किया गया और गुरुवार से राज्य बोर्ड परीक्षाओं का शुरू होना भी एक कारण है। यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यह हड़ताल शुरू होगी, जिसमें दसवीं और बारहवीं कक्षा के लाखों छात्र हिस्सा लेने वाले हैं।

 

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