मध्यप्रदेश : माननियों पर अब रहेगी कड़ी नज़र, विधानसभा में उपद्रव करना पड़ सकता है महंगा

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आठ जुलाई से शुरू हो रहा है। विधानसभा में इस बार तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं। सदन में अब विधायकों द्वारा अगर उपद्रव, अशांति या आसंदी का अपमान किया गया तो उन्हें महंगा पड़ सकता है। अभी तक सदन की कार्यवाही की रेकॉर्डिंग अधिक समय तक रखने की क्षमता नहीं थी। ऐसे में कई बार विधायक ऐसे आरोपों से मुकर जाते थे। जिसके बाद उनपर कार्रवाई नहीं हो पाती थी।

अब विधानसभा में रेकॉर्डिंग  की व्यवस्था अधिक समय तक रखने की जा रही है। जिससे विधायकों द्वारा सदन में किया गया व्यवहार लंबे समय तक कैद किया जा सके और जरूरत पड़ने पर ये सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। विधानसभा सचिवालय में सदन की कार्यवाही की रेकॉर्डिंग के लिए अब अलग से स्टोर की व्यवस्था की जा रही है। जिससे सदन की रेकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जा सके। रेकॉर्डिंग के मूल अंश और एडिटिड अंश दोनों को सुरक्षित रखने की तैयारी की जा रही है। जो समय आने पर सबूत के तौर पर इस्तेमाल की जा सके।

कहां आएगी रेकॉर्डिंग काम

कई बार सदन में कार्यवाही के दौरान हालात बेकाबू हो जाते हैं। पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस में विधायक अपना आपा खो देते हैं। ऐसे में सदन में हंगामा, आरोप, प्रत्यारोप के दौरान किए गए संवाद और बर्ताव की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के दौरान कई बार स्थिति बिगड़ जाती है। वहीं, कई बार विधायक आसंदी तक भी पहुंच जाते हैं और अभद्र व्यवहार हो जाता है।

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