किसानों में भाजपा सरकार के प्रति आक्रोश :अखिलेश यादव

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समाचार भारती ब्यूरो,लखनऊ

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर 07 दिसम्बर 2020 से प्रारम्भ किसान यात्रा आज भी जारी रही। किसान यात्रा कार्यक्रम के तहत आज गांव-गांव पदयात्रा, साइकिल यात्रा, बैलगाड़ी यात्रा, टैक्टर यात्रा के साथ चैपाल तथा गोश्ठियों का आयोजन किया गया।
     बदायूं में जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव, आशुतोष मौर्या, पूर्व विधायक श्री विमल कृष्ण अग्रवाल पूर्व मंत्री, जौनपुर में तूफानी सरोज पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, लकी यादव विधायक, लाल बहादुर यादव जिलाध्यक्ष एवं लल्लन प्रसाद यादव पूर्व एमएलसी, गाजीपुर में जगदीश कुशवाहा पूर्व सांसद, वीरेन्द्र यादव विधायक, रामधारी सिंह यादव जिलाध्यक्ष, गरीब राम पूर्व प्रत्याशी जखनिया, प्रयागराज में प्रशांत सिंह पूर्व विधायक, योगेशचन्द्र यादव जिलाध्यक्ष, पंधारी यादव पूर्व जिलाध्यक्ष शामिल रहे।
     वाराणसी में सुजीत यादव जिलाध्यक्ष, विष्णु शर्मा वाराणसी महानगर अध्यक्ष, समद अंसारी, पूर्व विधायक, श्रीमती शालिनी यादव पूर्व प्रत्याशी लोकसभा वाराणसी, बस्ती में महेन्द्र नाथ यादव, जिलाध्यक्ष, राम ललित चौधरी, पूर्व मंत्री, राजाराम यादव पूर्व जिलाध्यक्ष, मिर्जापुर में देवी प्रसाद चौधरी जगदम्बा सिंह पटेल पूर्व विधायक, कैलाश चैरसिया पूर्व मंत्री, जिलाध्यक्ष, शिवशंकर यादव पूर्व जिलाध्यक्ष, आशीष यादव पूर्व जिलाध्यक्ष, पीलीभीत में रियाज अहमद पूर्व मंत्री, आनन्द यादव पूर्व जिलाध्यक्ष ने किसान यात्रा का आयोजन किया।
     बलिया में जय प्रकाश अंचल पूर्व विधायक राजवीर यादव जिलाध्यक्ष, महराजगंज में कौशल किशोर सिंह पूर्व विधायक, आमिर हुसैन जिलाध्यक्ष,  सिद्धार्थनगर में आलोक तिवारी पूर्व सांसद, लालजी यादव पूर्व विधायक, अम्बेडकरनगर में राममूर्ति वर्मा पूर्व मंत्री, सुभाष राय विधायक, गोपीनाथ वर्मा पूर्व विधायक, हीरा लाल यादव एमएलसी, राम सकल यादव जिलाध्यक्ष, इटावा में प्रेमदास कठेरिया पूर्व सांसद, गोपाल यादव जिलाध्यक्ष, कुलदीप गुप्ता पूर्व चेयर मैन इटावा, महोबा में कप्तान सिंह राजपूत पूर्व विधायक, प्रान सिंह यादव जिलाध्यक्ष, ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए किसान यात्रा निकाली।
    भाजपा सरकार के इशारे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर जुल्म हो रहा है, उससे साफ हो गया है कि भाजपा आम जनता के बीच अविश्वसनीय हो गयी है। अब किसानों को सन् 2022 के चुनावों का ही इंतजार है।

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