ड्रेस घोटाले की खुली पोल

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शिक्षा विभाग के ड्रेस घोटाले की खुली पोल

दिनांक 05 सितंबर 2020 जालौन से राहुल दुबे की रिपोर्ट

उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश सरकार एवं प्रधानमंत्री जी के महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की यूनिफार्म वितरण का कार्य कराया जाना सुनिश्चित किया गया था लेकिन भ्रष्टाचारियों ने इस काम को और सरकार की मंशा को पलीता लगाना शुरू कर दिया सरकार ने कहा था कि गांव की ग्रामीण महिलाओं को उनकी आजीविका चलाने के लिए उनको घर में ही रोजगार दिया जाएगा और प्रधानमंत्री ने लोकल को वोकल का नारा देकर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने की बात कही थी लेकिन यह सब बाते धरी की धरी रह गई
बात करते हैं जनपद जालौन के शिक्षा विभाग की,
शिक्षा विभाग में हुई ड्रेस घोटाला की धांधली की जब परते खुलना शुरू हुई तो अच्छे अच्छों के नीचे से जमीन खिसकना शुरू हो गई वैसे तो सरकार ने बच्चों को गुणवत्ता वाली ड्रेस देने के लिए प्रति बच्चा ₹600 की धनराशि भेजी है लेकिन सरकार के नुमाइंदों ने अपनी जेब भरने के लिए बच्चों की ड्रेस को ही निकल लिया और उन्हें कमीशन बाजी में उतार दिया जिले के बेसिक शिक्षा के मुखिया ने एक आदेश जारी किया कि प्रत्येक विद्यालयों को बच्चों की ड्रेस की सिलाई ग्रामीण महिलाओं से बने समूह से करवानी है लेकिन इनके अधीनस्थों ने अपने साहब का आदेश मानने से इंकार कर दिया इतना ही नहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापकों ने तो यहां तक कह डाला कि आखिर बी एस ए होते कौन है जो हमें बताएगें की ड्रेस क्या होती है और कहां से खरीदनी होगी क्योंकि ड्रेस में मिलने वाले मोटी कमीशन पर इन्हें डाका डालना था और हुआ भी यही प्राइवेट फर्मो से मोटे कमीशन पर ड्रेस खरीद कर पूरा मुनाफा अपनी जेबों में भर लिया और बच्चों को घटिया ड्रेस पकड़ा दिया और कमीशन को अध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी ने मिलकर बंदर बांट कर लिया क्योंकि खेल बड़े कमीशन का था तो महिलाएं कहां चुप रहने वाली थी आज कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज को उठाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू हो गया इस मुद्दे को भुनाने के लिए विपक्षी पार्टी के नेता भी पहुंच गए फिर क्या था होने लगी नारेबाजी और प्रशासन मुर्दाबाद के नारे,शिक्षा विभाग मुर्दाबाद के नारे ,बीएसए मुर्दाबाद के नारे , चारों ओर गूंजन लगे और महिलाएं धरना प्रदर्शन पर बैठ गई आनन-फानन में पुलिस बुला ली और महिलाओं की घेराबंदी शुरू हो गई जब बात नहीं बनी तो मौके पर बीएसए खुद आये और अपनी सफाई दी बोले कि आपको जो काम दिया गया है वह काम आपका ही रहेगा जो दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी आश्वासन मिलने के बाद महिलाएं धरना प्रदर्शन से उठी,,, लेकिन महिलाओं ने मांग की कि यदि हम गरीब महिलाओं को सिलाई का काम नहीं मिला तो आगे समय में बड़ा और उग्र प्रदर्शन हम लोग करेंगे और जनपद के शिक्षा विभाग के कमीशन खोरी की पोल खोलेंगे

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