पोषण वाटिका विकसित करने में कृषि विज्ञान केंद्र करेगा मदद

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जालौन से राहुल दुबे की रिपोर्ट

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला किसानों को दी पोषण वाटिका की जानकारी
जालौन। पोषण माह के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पोषण थालीए संतुलित आहार, बायोफार्टीफिकेशन क्राप के बारे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला किसानों को जानकारी दी गई। इस दौरान आंगनबाड़ी केंदों पर पोषण वाटिका लगाने के लिए सहजन, पीपल, गाजर, मूली, टमाटर, मिर्च, पालक सब्जी बीज किटए पौध का वितरण किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा. राजीव कुमार सिंह ने माडल पोषण वाटिका के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि हर घर में एक पोषण वाटिका जरूर होनी चाहिए ताकि ताजी हरे फल और सब्जियों की हर समय उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने बताया कि कुपोषण रोकने क लिए पोषण सुरक्षा पर जागरुक होने की जरूरत है। गरीब परिवार के लिए पोषण तत्वों की पूर्ति के लिए पोषण वाटिका उत्तम साधन है। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त भूमि होती है। जिसमें पोषण वाटिका लगाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका लगाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र तकनीकी मदद भी करेगी। गृह वैज्ञानिक डाण् राजकुमारी ने खाद्य उत्पादन के मामले में भारत का विश्व में दूसरा नंबर है। इसके बावजूद महिलाओं में खून की कमी है। इसके कारण कम वजन वाले बच्चों की जन्म दर भी ज्यादा है। असंतुलित आहारए भोजन की कमी के कारण उम्र के हिसाब से कम लंबाई होनाए पांच साल से कम आयु के बच्चों में मृत्यु दर अधिक है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाएं मौसमी फल का उत्पादन करके अपने स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है। पोषण वाटिका से प्राप्त होने वाली सब्जियां बहुत सस्ती, रसायन मुक्त और स्वास्थ्य वर्धक होती है। पशुपालन वैज्ञानिक डा. अनुज कुमार गौतम ने पोषण वाटिका के साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन आदि के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान शशि देवी, ऊषा देवी, सरला श्रीवास्तव, विमला, माया, रेखा अवस्थी आदि मौजूद रही। अंत में केंद्र परिसर में पौधरोपण भी किया गया।

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