एयर स्ट्राइक पर सरकार का बयान- न सिविलियन, न सेना, सिर्फ आतंकी थे टारगेट

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पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. विदेश सचिव विजय गोखले ने इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इस बारे में देश को जानकारी दी. गोखले ने बताया कि 20 साल से जैश पाकिस्तान से आतंकी साजिश रच रहा था और आतंकी संगठनों पर आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 14 फरवरी को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आतंकी हमला किया था, जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हुए थे. इससे पहले पठानकोट में भी जैश की तरफ से आतंकी हमला किया गया था. पाकिस्तान हमेशा इन संगठनों की अपने देश में मौजूदगी से इनकार करता आया है. पाकिस्तान को कई बार सबूत भी दिए गए लेकिन उसने आतंकी संगठन के खिलाफ कोई कार्रवाई की.

गोखले ने कहा कि जैश भारत के कई हिस्सों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था और इसके लिए फिदायीन आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी. इस खतरे से निपटने के लिए भारत के लिए स्ट्राइक करना बेहद जरूरी हो गया था. हमने खुफिया जानकारी के आधार पर आज सुबह बालाकोट में एयर स्ट्राइक की है जिसमें जैश के कमांडर समेत कई आतंकियों को ढेर किया गया है. यह एक असैन्य कार्रवाई थी जिसमें सिर्फ आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया है.

सिविलियन को नुकसान नहीं…

उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में न किसी सिविलियन और न सेना को टारगेट किया गया है बल्कि हमारे निशाने पर आतंकी कैंप थे. गोखले ने कहा कि बालाकोट में इस कैंप को जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर का रिश्तेदार मौलाना यूसुफ अजहर चला रहा था, साथ ही इस कार्रवाई में किसी नागरिक को नुकसान न हो इसकी पूरी कोशिश की गई है. वायु सेना ने घने जंगलों के बीच ऊंची पहाड़ी पर बने जैश के सबसे बड़े कैंप पर स्ट्राइक को अंजाम दिया है.

विदेश मंत्रालय की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर CCS की बैठक हुई जिसमें रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजीत डोभाल मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक वायु सेना के 12 मिराज 2000 मिराज ने आतंकी ठिकानों पर 1000 किलो विस्फोटक गिराया है जिसमें 200 से 300 आतंकियों के मारे जाने की आशंका है.

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